Sonbhadra News: मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही, 12 घंटे से बिजली गुल, जिले में भाजपा के विधायक-मंत्री होने के बावजूद मरीज बेहाल.
मेडिकल कॉलेज के सी ब्लॉक में बिजली न होने से पैथोलॉजी और डेंटल विभाग बंद हो गए। सैकड़ों मरीज जांच और इलाज के बिना वापस लौटे। ब्लड सैंपल खराब होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। मरीजों ने सफाई, पानी और स्टाफ व्यवहार पर गंभीर आरोप लगाए। नोडल डॉक्टर ने केबल फॉल्ट को कारण बताते हुए समाधान का आश्वासन दिया।
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3:21 PM, Apr 29, 2026
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सी ब्लॉक में पैथोलॉजी और डेंटल सेवाएं ठप, अव्यवस्था पर मरीजों का फूटा गुस्सा।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सी ब्लॉक में पिछले 12 घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बिजली गुल होने से पैथोलॉजी लैब और डेंटल विभाग का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों से आए सैकड़ों मरीजों को बिना जांच और इलाज के वापस लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, सी ब्लॉक में आधी रात के करीब 12 बजे से ही बिजली नहीं है। इसका सीधा असर अस्पताल की महत्वपूर्ण सेवाओं पर पड़ा है। पैथोलॉजी लैब में ब्लड सैंपल की जांच रुक गई है और कई सैंपल खराब होने की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं डेंटल विभाग में भी मरीजों का इलाज पूरी तरह बंद है। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इलाज कराने आए रविकांत ने बताया कि वह अपने भाई को लेकर रात 3 बजे से अस्पताल में मौजूद हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण कोई भी जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब है, शौचालयों से बदबू आ रही है और पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। अन्य मरीजों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि सुबह से पर्ची तक नहीं कट पा रही है। मधुपुर से आए एक मरीज ने कहा कि वह सुबह 7 बजे से अस्पताल में हैं, लेकिन डॉक्टरों से कोई मदद नहीं मिल रही और मजबूरी में उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है। अस्पताल में अव्यवस्था का आलम यह है कि वैकल्पिक बिजली व्यवस्था भी सही ढंग से उपलब्ध नहीं है। मरीजों का कहना है कि इतनी बड़ी स्वास्थ्य संस्था होने के बावजूद जनरेटर या इनवर्टर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। वहीं इस मामले में नोडल डॉक्टर ज्योति अग्रवाल ने बताया कि पावर हाउस में केबल बदले जाने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी इनवर्टर जैसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की व्यवस्था भी अभी तक पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाई है। फिलहाल, इस घटना ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों को हो रही परेशानियों और लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार न होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
