Sonbhadra News: गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार, मोबाइल नंबर बदलकर कर रहे थे शातिर तरिके से तस्करी.
सुकृत चौकी क्षेत्र के बैजू बाबा मंदिर के पास सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ ने संयुक्त कार्रवाई कर एक डीसीएम और सियाज कार से 8 कुंतल 684 ग्राम गांजा बरामद किया। तस्कर जड़ी-बूटियों की बोरियों के बीच गांजा छिपाकर उड़ीसा से सुल्तानपुर और आगरा ले जा रहे थे। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर दो वाहन, आठ मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
sonbhadra
3:48 PM, Jun 22, 2026
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अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 8.68 कुंतल गांजे के साथ छह तस्कर गिरफ्तार।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
जनपद पुलिस एवं एएनटीएफ लखनऊ यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान 8 कुंतल 684 ग्राम अवैध गांजा, एक डीसीएम वाहन, एक सियाज कार, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो आईफोन तथा 6040 रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 16 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि एएनटीएफ लखनऊ यूनिट से सूचना प्राप्त हुई थी कि उड़ीसा से एक डीसीएम वाहन के जरिए भारी मात्रा में गांजा उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एएनटीएफ लखनऊ और थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने सुकृत चौकी क्षेत्र के चहेलवा स्थित बैजू बाबा मंदिर के पास घेराबंदी कर एक डीसीएम वाहन और उसके साथ चल रही एक सियाज कार को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान डीसीएम वाहन में जड़ी-बूटियों की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया 8 कुंतल 684 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 80 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से अंकित सिंह, रोहित कुमार सिंह, सोहित सिंह, देवेन्द्र सिंह, सूरज कुमार और सिद्धार्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे एक संगठित अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के सदस्य हैं और लंबे समय से उड़ीसा से गांजा खरीदकर सुल्तानपुर तथा आसपास के जनपदों में सप्लाई करते रहे हैं।
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बरामद खेप उड़ीसा के बलांगीर क्षेत्र से करीब 20 लाख रुपये में खरीदी गई थी। गांजे को जड़ी-बूटियों की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया था, ताकि चेकिंग के दौरान संदेह न हो और जरूरत पड़ने पर जड़ी-बूटियों के दस्तावेज दिखाकर जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। एसपी ने बताया कि तस्करी के दौरान एक सियाज कार डीसीएम के आगे-पीछे चलकर पुलिस चेकिंग और गतिविधियों की रेकी कर रही थी। गिरोह के सदस्य पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल नंबर और सिम कार्ड बदलते रहते थे, जिससे उनकी लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। इसके बावजूद एएनटीएफ और सोनभद्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि गांजे की यह खेप सीतापुर निवासी अतुल सिंह के पास पहुंचाई जानी थी। वहां से इसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के माध्यम से आगरा, लखनऊ और अन्य स्थानों तक सप्लाई किया जाता था। पूछताछ में उड़ीसा में सक्रिय "दादा" नामक व्यक्ति का भी नाम सामने आया है, जो व्हाट्सएप के माध्यम से गिरोह के संपर्क में रहता था। पुलिस ने थाना रॉबर्ट्सगंज पर एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में सूरज कुमार के खिलाफ 14, रोहित कुमार सिंह के खिलाफ चार तथा अंकित सिंह के खिलाफ दो आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। रोहित कुमार सिंह के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरोह के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है।
