Sonbhadra News: 48 घंटे बाद सोन नदी से तीसरे युवक का शव बरामद, तीन मौतों से मीतापुर में पसरा मातम.
सोन नदी में डूबे तीसरे युवक का शव 48 घंटे से अधिक समय बाद घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर गोठानी मंदिर के पास बरामद हुआ। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही थी। मृतक की पहचान मीतापुर निवासी बोल बम पुत्र लोधी के रूप में हुई। शव की पहचान कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
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1:28 PM, Jun 26, 2026
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शव देखते ही परिजनों में मची चीख पुकार।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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चोपन थाना क्षेत्र के मितापुर स्थित सोन नदी में डूबे तीसरे युवक का शव 48 घंटे से अधिक समय बाद बरामद कर लिया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा लगातार आला अधिकारियो की देखरेख में चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के बाद शुक्रवार को घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर गोठानी मंदिर के समीप नदी से शव बरामद किया गया। शव देखते ही परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। पुलिस ने परिजनों से पहचान कराने के बाद शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी भेज दिया। मृतक की पहचान 16 वर्षीय बोल बम केवट पुत्र लोधी निवासी मीतापुर के रूप में हुई है। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य मृतकों की पहचान 18 वर्षीय संदीप निषाद पुत्र रविंद्र तथा 10 वर्षीय दीपक केवट पुत्र भगवान दास, दोनों निवासी मीतापुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मीतापुर निवासी रतन केवट की पुत्री के चौथी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए परिजन नदी किनारे पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान दीपक और बोल बम सोन नदी में नहाने के लिए उतरे, लेकिन गहरे पानी में चले जाने से दोनों डूब गए। इसी दौरान संदीप निषाद की भी नदी में डूबने से मौत हो गई। संदीप की मौत को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के दौड़ाने से घबराकर संदीप ने नदी में छलांग लगा दी, जिससे उसकी डूबने से मौत हुई। हालांकि प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि संदीप की मौत भी नदी में नहाने के दौरान डूबने से हुई है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका आरोप है कि निर्धारित क्षेत्र से बाहर लंबे समय से हो रहे अवैध बालू खनन के कारण सोन नदी कई स्थानों पर अत्यधिक गहरी और दलदली हो गई है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
