Sonbhadra News: चोपन में 85 फीट ऊंचे हाईटेक रावण का दहन, आतिशबाजी और घूमते दस सिर रहे आकर्षण का केंद्र.
चोपन रेलवे रामलीला मैदान में बुधवार रात 8:40 बजे 85 फीट ऊंचे हाईटेक रावण का दहन किया गया। एसपी अभिषेक वर्मा, एडिशनल एसपी मेवीस टॉक और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में रावण दहन हुआ। घूमते दस सिर, रावण का अट्टहास और शानदार आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहे, जय श्रीराम के जयकारों से मैदान गूंज उठा।
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9:59 PM, Oct 20, 2026
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चोपन रेलवे रामलीला मैदान में 85 फीट ऊंचे हाईटेक रावण दहन के दौरान शानदार आतिशबाजी का नजारा, जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा पूरा मैदान।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
विजयादशमी के अवसर पर बुधवार को चोपन रेलवे रामलीला मैदान में लगभग 85 फीट ऊंचे हाईटेक रावण के पुतले का दहन एसपी सोनभद्र अभिषेक वर्मा और एडिशनल एसपी मेवीस टॉक व रेलवे अधिकारियों के मौजूदगी में किया गया। रात 8 बजकर 40 मिनट पर रावण दहन होते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान बड़े पैमाने पर हुई आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रही। विशालकाय रावण के दहन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। श्री श्री रेलवे रामलीला समिति के अध्यक्ष कमल किशोर सिंह, रावण प्रभारी सुरेश जायसवाल और सियाराम तिवारी ने बताया कि चोपन रेलवे रामलीला मैदान में हर वर्ष रावण के पुतले को विशेष तकनीक और आकर्षक बनावट के साथ तैयार कराया जाता है। इस वर्ष भी पुतले को भव्य स्वरूप दिया गया। इसके निर्माण की जिम्मेदारी प्रसिद्ध कारीगर प्रमोद विश्वकर्मा उर्फ पप्पू की देखरेख में पूरी की गई।
चारों दिशाओं में घूमते दस सिर और रावण का अट्टहास रहा आकर्षण का केंद्र-:
पूर्वांचल में अपनी अलग पहचान रखने वाले चोपन के रावण के पुतले की खास विशेषता उसके दस सिर थे, जो चारों दिशाओं में घूमते हुए अट्टहास करते थे। रावण के अट्टहास की गर्जना दर्शकों का ध्यान खींचती रही। पुतले के निर्माण में बांस, लकड़ी, कागज, कपड़े और अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही पुतले में बड़ी संख्या में पटाखे लगाए गए थे, जो दहन के दौरान फूटते रहे। इससे आतिशबाजी का नजारा और भी भव्य हो गया।
नाभि पर रॉकेट से प्रहार के बाद हुआ रावण दहन-:
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चोपन रेलवे रामलीला में रावण दहन की प्रक्रिया खास रही। जमीन पर राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद तार के माध्यम से रॉकेट छोड़कर रावण की नाभि पर प्रहार किया गया। इसके बाद पुतले में आग लगी और वह धू-धूकर जल उठा। इस दृश्य को देखने के लिए मैदान में मौजूद दर्शकों में खासा उत्साह रहा।
रावण के निर्माण पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च-:
समिति पदाधिकारियों के मुताबिक, लगभग 85 फीट ऊंचे रावण के पुतले के निर्माण पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च होने की चर्चा रही। श्री श्री रेलवे रामलीला समिति की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम चोपन की पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। विजयादशमी पर रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
दुकानों और झूलों का भी लोगों ने उठाया आनंद-:
चोपन रामलीला मैदान में मेले जैसा माहौल रहा। आयोजकों के अनुसार, चोपन और आसपास के क्षेत्रों से करीब 20 से 25 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी। मैदान में तीन दर्जन से अधिक बड़ी दुकानें और लगभग 200 छोटी दुकानें लगाई गई थीं। खाने-पीने की दुकानों के साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए मिक्की माउस और जंपिंग की व्यवस्था की गई थी, जबकि युवाओं के लिए झूले लगाए गए थे। रामलीला और रावण दहन के साथ लोगों ने मेले में खरीदारी और मनोरंजन का भी आनंद लिया।



