Sonbhadra News: NEET क्वालीफाई कर आशिका जायसवाल ने बढ़ाया सोनभद्र का मान, जायसवाल समाज ने किया सम्मानित.
चोपन की प्रतिभाशाली छात्रा आशिका जायसवाल ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर जायसवाल समाज ने उन्हें सम्मानित किया। आशिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का प्रभावी माध्यम है। छोटी बहन और माता पिता भी आशिका की उपलब्धि से बहुत ख़ुश है।
sonbhadra
10:44 PM, Jul 19, 2026
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NEET परीक्षा में सफलता पर चोपन में आयोजित समारोह में प्रतिभाशाली छात्रा आशिका जायसवाल को सम्मानित करते समाज के पदाधिकारी।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
जनपद सोनभद्र के अति पिछड़े क्षेत्र चोपन की होनहार छात्रा आशिका जायसवाल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जायसवाल समाज की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनकी सफलता पर खुशी जताई। सम्मान के पल में आशिका और उनके पिता अनिरुद्ध जायसवाल भावुक हो गए। समाज के लोगों ने इसे पूरे जिले और विशेषकर समाज की बेटियों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया।
आशिका बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी हाईस्कूल की शिक्षा ओबरा स्थित सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से प्राप्त की, जहां उन्होंने 92.8 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्कूल प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया और विद्यालय के ऑनर बोर्ड पर उनका चित्र भी लगाया। इसके बाद उन्होंने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय से इंटरमीडिएट (पीसीबी) की पढ़ाई पूरी की और वहां भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार और जिले का गौरव बढ़ाया। अब NEET परीक्षा में 24 हज़ार रेंक लाकर सफलता हासिल कर उन्होंने डॉक्टर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
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पढ़ाई के साथ-साथ आशिका खेलकूद में भी सक्रिय रही हैं। उन्हें वॉलीबॉल खेलना बेहद पसंद है और वह एक अच्छी खिलाड़ी भी हैं। आशिका का कहना है कि पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाकर सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी नियमित मेहनत को दिया। उनके पिता अनिरुद्ध जायसवाल, जो व्यवसायी हैं, और माता रिंकू जायसवाल, जो गृहिणी हैं, ने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
आशिका की छोटी बहन सोनी जायसवाल, जो कक्षा 12 की छात्रा हैं, अपनी बड़ी बहन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रही हैं। हालांकि उनका लक्ष्य डॉक्टर बनने के बजाय एमबीए करना है और उन्हें बैडमिंटन खेलना पसंद है। दोनों बहनें स्कूल के अलावा प्रतिदिन लगभग चार घंटे घर पर भी पढ़ाई करती हैं। आशिका ने कहा कि सोनभद्र जैसे जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े कोचिंग संस्थानों का अभाव है, लेकिन आज के दौर में ऑनलाइन पढ़ाई एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि सही रणनीति, समय प्रबंधन और डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
जायसवाल समाज के अध्यक्ष सुनील जायसवाल ने कहा कि समाज की बेटी द्वारा NEET परीक्षा उत्तीर्ण करना पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आशिका की सफलता से समाज की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में सोनभद्र की और भी बेटियां अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करेंगी।
