Sonbhadra News: सीओ की सरकारी गाड़ी से महिला की मौत का मामला गरमाया, डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा गया ज्ञापन.
26 जनवरी को सीओ की सरकारी गाड़ी से हुई सड़क दुर्घटना में महिला की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए सरदार सेना और ग्रामीणों ने शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया। सरदार सेना के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा समेत अन्य मांग की गईं।
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6:42 PM, Feb 7, 2026
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पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी समेत अन्य मांग।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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26 जनवरी को सीओ की सरकारी गाड़ी से हुई सड़क दुर्घटना में महिला की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए सरदार सेना और ग्रामीणों ने शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया। हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सरदार सेना के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 5 बीघा जमीन देने तथा दुर्घटना में शामिल सरकारी वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। डॉ. अरविंद पटेल ने बताया कि कमलेश पटेल रेणुकूट के मुर्धवा मोड़ पर चाय-पान की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी अस्पताली देवी और एक दिव्यांग बेटा है। 26 जनवरी को पिपरी क्षेत्र के सीओ की सरकारी गाड़ी से हुई दुर्घटना में अस्पताली देवी की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि दाह संस्कार के बाद जब वे एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे, तो पुलिस ने मामले को अज्ञात वाहन से दुर्घटना दिखाकर दबाने का दबाव बनाया। उनका कहना है कि इससे उन्हें किसी भी सरकारी योजना और मुआवजे का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरदार सेना ने बताया कि 48 घंटे के भीतर मांगें पूरी न होने पर गांधीवादी तरीके से आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, लेकिन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद हजारों लोग डीएम परिसर में जुटे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
