Sonbhadra News: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन चोपन रेलवे मैदान में 12 दिसंबर को.
चोपन स्थित रेलवे मैदान में 12 दिसंबर, 2025 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। शासनादेश के अनुसार, प्रत्येक जोड़े पर 1,00,000 रुपये खर्च किए जाएंगे।
sonbhadra
6:21 PM, Dec 11, 2025
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कन्या के विवाह हेतु वेबसाइट cmsvy.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें- जिलाधिकारी.
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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चोपन स्थित रेलवे मैदान में 12 दिसंबर, 2025 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। शासनादेश के अनुसार, प्रत्येक जोड़े पर 1,00,000 रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 60,000 रुपये कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली और गृहस्थी की स्थापना हेतु डीबीटी के माध्यम से सीधे उसके खाते में अंतरित किए जाएंगे। वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए 25,000 रुपये और कार्यक्रम आयोजन (भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत/प्रकाश व्यवस्था) पर 15,000 रुपये प्रति जोड़ा व्यय होगा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आवेदन करने के इच्छुक व्यक्ति अपनी कन्या के विवाह हेतु वेबसाइट cmsvy.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की पात्रता हेतु कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए और कन्या या उसके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। विवाह की तिथि पर कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी अनिवार्य है। आयु की पुष्टि के लिए विद्यालय का शैक्षिक रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड या आधार कार्ड मान्य होंगे। इसके अतिरिक्त, कन्या का बैंक खाता और कन्या एवं वर के पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं। इस योजना में निर्धन परिवार की अविवाहित कन्याओं के विवाह के साथ-साथ विधवा, परित्यक्ता या कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओं का पुनर्विवाह भी हो सकता है। अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। विवाह हेतु निराश्रित कन्याओं, विधवा महिला की पुत्रियों, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्रियों और स्वयं दिव्यांग कन्याओं को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।



