Sonbhadra News: पोषण माह में बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर चित्रकारी की किताबें वितरित.
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को चित्रकारी की किताबें वितरित कर रचनात्मक गतिविधियां कराई गईं। कुपोषित बच्चों के अभिभावकों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को संतुलित आहार, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के प्रति जागरूक किया गया।
sonbhadra
5:35 PM, Sep 12, 2026
Share:


राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को चित्रकारी की किताबें वितरित करते कार्यकर्ता और पोषण जागरूकता गतिविधियों में शामिल महिलाएं व बच्चे।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
विज्ञापन
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जनपद के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देने के साथ कुपोषित बच्चों के अभिभावकों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को चित्रकारी की किताबें वितरित की गईं और उनसे चित्रकारी भी कराई गई। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों और अभिभावकों को पोषण के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार देना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित पोषण गोष्ठियों में गर्भवती महिलाओं को मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें गर्भावस्था के दौरान चारों एएनसी यानी नियमित प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि समय-समय पर जांच, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक परीक्षण और निर्धारित समय पर टीकाकरण मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। महिलाओं को खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। उन्हें भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड समेत आवश्यक पोषक तत्वों के सेवन की जानकारी दी गई। धात्री माताओं और कुपोषित बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों के उचित पोषण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य निगरानी के प्रति जागरूक किया गया। अभिभावकों को बच्चों का वजन और स्वास्थ्य नियमित रूप से जांच कराने तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तत्काल स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करने की सलाह दी गई। पोषण माह के तहत आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, कुपोषण की रोकथाम तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सही पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर टीकाकरण अपनाकर स्वस्थ मातृत्व एवं स्वस्थ बचपन का संदेश दिया गया।



