Sonbhadra News: अंतिम संस्कार से पहले महिला के शरीर में हलचल का दावा, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया.
बभनी के कोंगा गांव में करीब 40 वर्षीय महिला को मृत समझकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे। चिता तैयार होने से पहले ग्रामीणों ने महिला के शरीर में हलचल और नब्ज चलने का दावा किया। दावा सामने आने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोककर शव को घर वापस ले आए। परिजनों के मुताबिक दो निजी और एक सरकारी डॉक्टर ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित किया। अगले दिन महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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6:35 PM, Aug 15, 2026
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अंतिम संस्कार से पहले महिला के शरीर में हलचल के दावे से मचा हड़कंप, कोंगा गांव में श्मशान घाट पर जुटे ग्रामीण।
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Story By: अनुज जायसवाल, सोनभद्र।
सोनभद्र।
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बभनी थाना क्षेत्र के कोंगा गांव में अंतिम संस्कार से पहले एक महिला के शरीर में हलचल और नब्ज चलने के दावे से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। करीब 40 वर्षीय महिला को परिजन मृत समझकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे। चिता तैयार होने के बाद कुछ ग्रामीणों ने महिला के शरीर में हलचल महसूस होने और नब्ज चलने का दावा किया। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और महिला के शव को वापस घर ले आए। बाद में डॉक्टरों से जांच कराने पर महिला की मौत की पुष्टि होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि कोंगा गांव निवासी पूर्व ग्राम प्रधान कृष्णानंद की पत्नी दुर्गावती करीब एक सप्ताह से बीमार चल रही थीं। परिजनों के अनुसार उनका स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा था। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें दुद्धी के चिकित्सक को भी दिखाया गया। इसके बाद परिजन बेहतर उपचार के लिए उन्हें मध्य प्रदेश के सागर ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत होने की बात सामने आई। परिजन शव लेकर गांव लौटे और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। परिजन शव को लेकर श्मशान घाट पहुंचे। चिता तैयार होने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने महिला के शरीर में हलचल होने का दावा किया। कुछ लोगों ने नब्ज चलने की बात भी कही। ग्रामीणों की बात सुनकर परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और शव को वापस घर ले आए। इसके बाद परिवार की ओर से दो निजी डॉक्टरों और एक सरकारी चिकित्सक से महिला की जांच कराई गई। परिजनों के मुताबिक चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित किया। इसके बावजूद परिवार ने एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस कर्मियों ने भी जांच के बाद महिला की मौत की पुष्टि की। इसके बाद शव को घर पर रखा गया और अगले दिन भोर में दोबारा श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि महिला के जिंदा होने का ग्रामीणों द्वारा किया गया दावा चिकित्सकीय जांच में सही नहीं पाया गया। वहीं स्थानीय थाना प्रभारी ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि थाने में इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। फिलहाल महिला का अंतिम संस्कार हो चुका है और मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
