Sonbhadra News: खैरटिया में सरकारी नाली पाटने की शिकायत, पंचायत सचिव ने किया निरीक्षण.
बिल्ली मारकुंडी के खैरटिया में सरकारी नाली पाटे जाने से कई घरों की जलनिकासी बाधित होने की शिकायत की गई। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत के बाद पंचायत सचिव स्मिता यादव ने मौके पर पहुंचकर नाली का स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने नाली खुलवाने, जलनिकासी बहाल कराने और सामुदायिक शौचालय की बदहाली दूर करने की मांग की।
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6:36 PM, Sep 17, 2026
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जर्जर सामुदायिक शौचालय और जलनिकासी की समस्या का स्थलीय निरीक्षण करते पंचायत सचिव व ग्रामीण।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी के टोला खैरटिया में सरकारी नाली पाट दिए जाने से कई घरों के पानी की निकासी बाधित होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पंचायत सचिव स्मिता यादव ने मौके पर पहुंचकर नाली का स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने नाली खुलवाकर जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। खैरटिया निवासी पिंकी चौहान ने संपूर्ण समाधान दिवस में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि डीएमएफ फंड से संतोष केसरी के घर से डॉ. प्रजापति के घर तक नाली का निर्माण कराया गया है। आरोप है कि रामजी केसरी के घर के आगे से पप्पू केसरी के घर तक कुछ लोगों ने नाली को पाट दिया है। इससे आसपास के कई घरों का पानी आगे नहीं जा पा रहा है और वापस घरों की ओर आने की समस्या बनी हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार नाली बंद होने से कई परिवारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। शिकायत के बाद पंचायत सचिव स्मिता यादव ने मौके पर पहुंचकर नाली की स्थिति देखी और जलनिकासी से जुड़ी समस्या की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान खैरटिया में लंबे समय से बदहाल पड़े सामुदायिक शौचालय की स्थिति का भी जायजा लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि देखरेख के अभाव में सामुदायिक शौचालय जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। ग्रामीणों ने नाली के साथ सामुदायिक शौचालय की समस्या का भी जल्द समाधान कराने की मांग की। मामले में पंचायत सचिव से स्थलीय निरीक्षण में मिली स्थिति और आगे की कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया। उन्होंने आधिकारिक बयान देने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस मामले में ऑफिशियल बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नाली निर्माण के समय भी निर्माण के स्वरूप को लेकर आपत्ति जताई गई थी। अब नाली पाटे जाने के बाद जलनिकासी की समस्या और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण में तकनीकी कमी है तो संबंधित विभाग इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय करे। साथ ही सरकारी धन से कराए गए कार्य की गुणवत्ता की भी जांच हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर नाली की जलनिकासी बहाल कराने, सामुदायिक शौचालय को उपयोग योग्य बनाने तथा दोष पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



