Sonbhadra News: खनन बंद कराने की मांग को लेकर आदिवासियों संग कांग्रेस का प्रदर्शन, चक्का जाम की चेतावनी.
ओबरा तहसील क्षेत्र के खैरटिया गांव स्थित डीएस माइनिंग खदान के विरोध में कांग्रेस नेताओं और आदिवासियों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड ने खदान में हो रही ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर खदान बंद कराने की मांग की। ग्रामीणों को धमकाने का भी आरोप लगाया गया।
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6:18 PM, Jun 23, 2026
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डीएस माइनिंग खदान बंद कराने की मांग को लेकर ओबरा तहसील परिसर में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय आदिवासी।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
ओबरा तहसील क्षेत्र के खैरटिया गांव स्थित डीएस माइनिंग खदान को बंद कराने की मांग को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय आदिवासियों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए खदान संचालन पर रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि खदान में लगातार हो रही ब्लास्टिंग से आसपास के ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है और उनके घरों में दरारें पड़ रही हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड ने कहा कि खैरटिया गांव में संचालित खदान के खिलाफ ग्रामीण लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की संरक्षण में रात-दिन होने वाली ब्लास्टिंग से ग्रामीणों और उनके पशुओं को खतरा बना हुआ है। कई बार प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि खदान संचालकों द्वारा विरोध करने वाले ग्रामीणों को धमकाया भी जा रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
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कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने उसे घटना का भी जिक्र किया जो पूरे देश की सुर्खियां बनी थी उन्होंने जिक्र करते हुए कहा कि सीएम योगी के सोनभद्र आगमन पर उसी दिन खनन क्षेत्र में भयानक और हृदय विधायक घटना घटित हुई थी फिर भी खनन क्षेत्र में अवैध खनन अनियमितता को लेकर लगातार शिकायत आ रही है, खनन से सबसे ज्यादा प्रभावित आदिवासी समाज है और हम उनके हक की लड़ाई के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे।
वही प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष (ओबीसी विभाग) सेत राम केसरी ने खदान आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि आबादी के नजदीक खदान संचालित होना गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान से उड़ने वाले पत्थरों और कंपन के कारण ग्रामीणों के मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। साथ ही रहवासी क्षेत्र में बोल्डर लदे भारी वाहनों के लगातार आवागमन से भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर खनन माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खदान बंद कराने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग पूरी नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी और स्थानीय ग्रामीण चोपन पुल हाईवे पर चक्का जाम करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर खदान संचालन पर तत्काल रोक लगाने तथा ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
