Sonbhadra News: चोपन साइबर टीम का लगातार सराहनीय प्रयास जारी, आवेदक के खाते में ₹70,000 वापस कराया.
चोपन थाने की साइबर टीम का लगातार सराहनीय प्रयास जारी है, चोपन पुलिस ने आवेदक के खाते में ₹70,000 वापस कराया। साइबर जागरूकता के लिए अपील की गई है कि नेट बैंकिंग, यूपीआई पिन और सोशल मीडिया का पासवर्ड बनाते समय अपने नाम, मोबाइल नंबर या जन्मतिथि का प्रयोग न करें। इसके बजाय, अल्फान्यूमेरिक और विशेष वर्णों के साथ एक जटिल पासवर्ड का उपयोग करें।
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12:56 PM, Oct 30, 2025
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धोखाधड़ी हुई राशि आवेदक के खाते में लौटी, आवेदक ने चोपन साइबर टीम की प्रशंसा की।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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चोपन थाना की साइबर टीम ने एक आवेदक के साथ हुई ₹70,000 की ऑनलाइन धोखाधड़ी की राशि सफलतापूर्वक उसके मूल बैंक खाते में वापस करा दी है। यह राशि 28 सितंबर 2025 को धोखाधड़ी से ट्रांसफर की गई थी और 30 अक्टूबर 2025 को वापस मिली।आवेदक अनिल कुमार, निवासी ग्राम सलखन बरवा टोला, थाना चोपन, के बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर का कोड प्राप्त कर अज्ञात व्यक्तियों ने फोन-पे के माध्यम से उनके खाते से ₹70,000 एक अज्ञात खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। घटना की जानकारी मिलने पर, चोपन साइबर टीम ने आवेदक से पूछताछ की और लेनदेन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए। इसके बाद, तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज की गई।पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशानुसार, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक चोपन कुमुद शेखर सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। NCRP पोर्टल का अवलोकन कर धोखाधड़ी की गई ₹70,000 की धनराशि को संबंधित खातों में होल्ड कराया गया।NCRP पोर्टल से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर, संबंधित बैंक शाखा को ईमेल के माध्यम से पत्राचार किया गया। इसके परिणामस्वरूप, आवेदक की धोखाधड़ी हुई कुल ₹70,000 की धनराशि आज दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को सफलतापूर्वक उसके मूल बैंक खाते में वापस करा दी गई। आवेदक ने चोपन साइबर टीम की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में शामिल टीम के सदस्य प्रभारी निरीक्षक थाना चोपन कुमुद शेखर सिंह और साइबर हेल्प डेस्क थाना चोपन के कांस्टेबल सुनील कुमार थे। साइबर जागरूकता के लिए अपील की गई है कि नेट बैंकिंग, यूपीआई पिन और सोशल मीडिया का पासवर्ड बनाते समय अपने नाम, मोबाइल नंबर या जन्मतिथि का प्रयोग न करें। इसके बजाय, अल्फान्यूमेरिक और विशेष वर्णों के साथ एक जटिल पासवर्ड का उपयोग करें। यह भी ध्यान रखें कि यूपीआई पिन और क्यूआर कोड स्कैन का उपयोग केवल भुगतान करने के लिए होता है, न कि धनराशि प्राप्त करने के लिए।साइबर अपराध की घटना होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें या cybercrime.gov.in पर लॉगिन कर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।



