Sonbhadra News: हिंडालको में वेतन समझौते से पहले बढ़ा विवाद, टूर पैकेज प्रकरण ने बढ़ाई हलचल, बड़ा सवाल कब तक होता रहेगा श्रमिकों का शोषण!
प्रतिष्ठित औद्योगिक प्रतिष्ठान हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड में होने वाले त्रिवर्षीय वेतन समझौते से पहले ही विवाद गहराने लगा है। कंपनी प्रबंधन और श्रमिक यूनियन के बीच होने वाले इस समझौते के तहत कर्मचारियों की सैलरी वृद्धि तय होती है, लेकिन इस बार समझौते से पहले ही टूर पैकेज विवाद ने सबका ध्यान खींच लिया है।
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2:10 PM, Oct 30, 2025
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यूनियन प्रतिनिधियों को टूर पैकेज क्यों और किस उद्देश्य से दिया ये सवाल बना चर्चा का विषय।
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Story By: न्यूज़ डेस्क।
सोनभद्र।
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रेणुकूट नगर के प्रतिष्ठित औद्योगिक प्रतिष्ठान हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड में आगामी महीनों में होने वाले त्रिवर्षीय वेतन समझौते से पहले ही विवाद गहराने लगा है। कंपनी प्रबंधन और श्रमिक यूनियन के बीच होने वाले इस समझौते के तहत कर्मचारियों की सैलरी वृद्धि तय होती है, लेकिन इस बार समझौते से पहले ही टूर पैकेज विवाद ने सबका ध्यान खींच लिया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी प्रबंधन द्वारा यूनियन पदाधिकारियों को अन्य राज्यों के भ्रमण का टूर पैकेज दिया गया था। इस दौरान यूनियन के कुछ प्रतिनिधि घूमने-फिरने और मौज-मस्ती की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर बैठे, जिसके बाद कर्मचारियों में रोष फैल गया। मामला तब और तूल पकड़ गया जब समाजसेवी विजय प्रताप सिंह ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाते हुए लिखा कि “जब कंपनी और यूनियन के बीच वेतन समझौते की बातचीत होनी है, ऐसे समय में टूर पैकेज देना पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।” सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ने के बाद कंपनी प्रबंधन ने सभी टूर कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। हालांकि कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में भी कंपनी बेहद मामूली वेतन वृद्धि करती है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि यूनियन के कुछ दलाल प्रतिनिधि प्रबंधन के साथ मिलकर समझौते में अपनी सुविधा देखते हैं और वास्तविक लाभ श्रमिकों तक नहीं पहुंचता। एक श्रमिक ने कहा- “हर बार समझौता होता है, लेकिन फायदा यूनियन नेताओं को मिलता है। हम लोगों की आवाज कोई नहीं सुनता।” इस प्रकरण पर सामाजिक संगठनों और कई स्थानीय नागरिकों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यूनियन प्रतिनिधियों को टूर पैकेज क्यों और किस उद्देश्य से दिया गया था। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी वेतन समझौते में क्या वाकई श्रमिकों की वास्तविक मांगें पूरी होंगी या फिर यह समझौता भी पिछले वर्षों की तरह विवादों के साए में रह जाएगा। वही कंपनी के अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया वो छुट्टी पर है इसीलिए उनको इस विषय पर कोई जानकारी नहीं।



