मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news couple convicted in ramsevak alias kashi murder case sentenced to 10 years each

Sonbhadra News: रामसेवक उर्फ काशी हत्याकांड में दोषी दंपती को 10-10 वर्ष की सजा.

रामसेवक उर्फ काशी हत्याकांड में कोर्ट ने दोषी दंपती रामलखन और कृष्णावती को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 12-12 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया, न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद होगी।

sonbhadra

6:13 PM, Mar 31, 2026

Share:

Sonbhadra News: रामसेवक उर्फ काशी हत्याकांड में दोषी दंपती को 10-10 वर्ष की सजा.
logo

सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने कठोर कारावास की सजा सुनाई।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।

जनपद में करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुए रामसेवक उर्फ काशी हत्याकांड में मंगलवार को सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी दंपती रामलखन और कृष्णावती को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शाहगंज थाना क्षेत्र के अरुआंव गांव निवासी विजय कुमार ने घोरावल थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसका पुत्र रामसेवक उर्फ काशी (26 वर्ष) 9 अगस्त 2022 की शाम बाइक से घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। 12 अगस्त को गांव के लोगों ने मोबाइल में फोटो दिखाकर जानकारी दी कि महुआव पांडेय गांव के एक कुएं में 10 अगस्त को एक युवक का शव मिला है, जिसे पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। जब परिजन वहां पहुंचे तो शव की पहचान रामसेवक के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। जांच के दौरान जानकारी मिली कि रामसेवक घटना के दिन रामलखन के घर गया था, जहां शराब के दौरान कहासुनी हो गई थी। इसी विवाद में उसकी पिटाई कर हत्या कर दी गई और शव को छिपाने के उद्देश्य से कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने के बाद अदालत ने दोष सिद्ध पाते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने प्रभावी पैरवी की।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.