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क्राइम/न्यूज़/sonbhadra news court s decision in the umesh chaudhary murder case that took place 16 years ago life imprisonment to convicted naxalite protector sant kumar chero

Sonbhadra News: 16 वर्ष पूर्व हुए उमेश चौधरी हत्याकांड का मामले में कोर्ट का आया फैसला, दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को उम्रकैद.

करीब साढ़े 16 वर्ष पूर्व हुए उमेश चौधरी हत्याकांड के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 20 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।

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7:05 PM, Dec 10, 2025

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Sonbhadra News: 16 वर्ष पूर्व हुए उमेश चौधरी हत्याकांड का मामले में कोर्ट का आया फैसला, दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को उम्रकैद.
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने सुनाया फैसला।

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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।

करीब साढ़े 16 वर्ष पूर्व हुए उमेश चौधरी हत्याकांड के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 20 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं तीन नक्सलियों अनिल ठाकुर, लालब्रत कोल व मुन्ना विश्वकर्मा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।अभियोजन पक्ष के मुताबिक दीनानाथ चौधरी पुत्र स्वर्गीय रामपति निवासी कन्हौरा , थाना चोपन , जिला सोनभद्र ने 25 जनवरी 2009 को थानाध्यक्ष चोपन को दी तहरीर में अवगत कराया था कि 24 जनवरी 2009 को शाम 7 बजे संत कुमार चेरो पुत्र तेजबली व बाबा पुत्र तेजबली चेरो निवासी कन्हौरा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र उसके परचून की दुकान पर आए और दुकान पर बैठी पत्नी चंचला को बकाया 50 रुपये दिया और फिर से उधार सामान मांगने लगे। जब पत्नी ने देने से इनकार कर दिया तो जबरन कुर्सी उठाकर ले जाने लगे। जिसपर उसका बेटा उमेश चौधरी ने उन्हें रोका और दो झापड़ मारपीट कर कुर्सी छुड़ाकर भगा दिया। करीब एक घण्टे बाद शाम 8 बजे पुनः दोनों आए और उसके बेटे उमेश चौधरी को बुलाकर ले गए और कुछ दूर ले जाकर गोली मार दिया। गोली की आवाज सुनकर जब कुछ लोगों के साथ जाने लगे तो संत कुमार चेरो की मां ने रोक दिया। बाद में जब वहां जाकर देखा तो बेटे की लाश पड़ी थी। तब सूचना दे रहा हूं।आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में नक्सलियों के संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो, उसके भाई बाबा, नक्सली अनिल ठाकुर, नक्सली लालब्रत कोल व नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। आरोपी बाबा पुत्र तेजबली चेरो के गायब होने की वजह से उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 8 गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी नक्सली संरक्षणकर्ता संत कुमार चेरो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उसके ऊपर 20 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं तीन नक्सलियों अनिल ठाकुर, लालब्रत कोल व मुन्ना विश्वकर्मा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।


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