Sonbhadra News: पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि पर भड़की सीपीआई, जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने मोदी सरकार की नीतियों को बताया जनविरोधी.
सीपीआई के राज्य कार्यकारिणी सदस्य और सोनभद्र जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है और सरकार जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। शर्मा ने मोदी सरकार की विदेश नीति और आर्थिक नीतियों को विफल बताते हुए पेट्रोलियम एवं वित्त मंत्री से इस्तीफे की मांग की है।
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2:09 PM, May 16, 2026
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जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्य कार्यकारिणी सदस्य और सोनभद्र के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये से अधिक की बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आपदा में अवसर तलाश कर देश की जनता को महंगाई के गहरे कुएं में धकेल रही है। कामरेड शर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है और लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि सत्ता पर आसीन भाजपा नेतृत्व की मोदी सरकार जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। सीपीआई नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से देश के प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे। इस दौरान देश की आर्थिक और विदेश नीति से जुड़े गंभीर मुद्दों की अनदेखी की जाती रही। उन्होंने वैश्विक बाजार पर तेल के वर्चस्व को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से बनी तनावपूर्ण स्थिति का जिक्र किया। शर्मा ने कहा कि इसके बावजूद जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल जैसे कई अन्य देशों ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटा दिए हैं, जिससे वहां की जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा। कामरेड शर्मा के अनुसार, भारत पहले रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और पेट्रोलियम पदार्थों की खरीद करता था। लेकिन अमेरिका के दबाव के कारण केंद्र की मोदी सरकार ने रूस से तेल आयात कम कर दिया। इसके चलते भारत अन्य देशों पर निर्भर हो गया, जिससे देश में तेल संकट की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने इस स्थिति को मोदी सरकार की विदेश नीति की विफलता बताया। कामरेड शर्मा ने कहा कि इसी का परिणाम है कि आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि कर आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को फिर से लकड़ी और चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर कर दिया गया। केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि पेट्रोलियम एवं वित्त मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए तथा प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
