Sonbhadra News: विश्व आदिवासी दिवस पर भाकपा का पैदल मार्च, 19 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन.
विश्व आदिवासी दिवस पर भाकपा और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने सोनभद्र में जोरदार पैदल मार्च निकाला। चुर्क तिराहा से कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
sonbhadra
6:35 PM, Aug 8, 2026
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विश्व आदिवासी दिवस पर भाकपा एवं आदिवासी महासभा के प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर नारेबाजी की, नेताओं ने मीडिया से बातचीत कर मुद्दे उठाए।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला काउंसिल एवं अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासियों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की विभिन्न जनहित की समस्याओं को लेकर जोरदार पैदल मार्च निकाला गया। जिला सचिव कामरेड आरके शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुर्क तिराहा से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई।इस दौरान जिला सचिव आरके शर्मा ने कहा कि सोनभद्र देश को ऊर्जा, खनिज और प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण जनपद है, लेकिन इसके बावजूद यहां के आदिवासी, किसान, मजदूर और आम नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन समस्याओं के समाधान के लिए केवल आश्वासन देने के बजाय धरातल पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।ज्ञापन में जनपद में कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना और बभनी विकासखंड में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज खोलने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। संगठन ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। भाकपा ने उत्तर प्रदेश में पेसा अधिनियम का कड़ाई से पालन कराने, जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों एवं परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों की रक्षा तथा वनाधिकार कानून के तहत दावों के निस्तारण तक पात्र लोगों को बेदखल नहीं किए जाने की मांग की। वन विभाग से जुड़े शोषण और उत्पीड़न के आरोपों पर रोक लगाने की भी मांग की गई।मनरेगा के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की गई। बालू और पत्थर खनन में प्रतिबंधित मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संगठन ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, रिक्त पद भरने, पर्याप्त दवाइयां और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ बभनी-म्योरपुर क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर सहित आधुनिक अस्पताल की स्थापना की मांग की। स्थानीय युवाओं, प्रभावित किसानों और विस्थापित परिवारों को उद्योगों में रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई। बिजली कटौती और कथित फर्जी बिलों पर रोक, जर्जर तार-पोल व ट्रांसफार्मर बदलने तथा कम से कम 20 घंटे विद्युत आपूर्ति की मांग की गई। इसके अलावा 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, सीएसआर और डीएमएफ निधि का पारदर्शी इस्तेमाल तथा हर घर नल जल योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाने की मांग की गई। भाकपा ने कोल, मुसहर, धांगर, धरकार और बियार समुदाय को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने तथा आंगनबाड़ी के बच्चों को पर्याप्त राशन एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने मुख्यमंत्री से सभी 19 मांगों पर तत्काल और सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
