Sonbhadra News: विस्थापितों के हक और पुनर्वास को लेकर भाकपा ने राष्ट्रपति को भेजा 11 सूत्रीय मांगपत्र.
रिहंद, कनहर और नगवां बांध से विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति को 11 सूत्रीय मांगपत्र भेजा है। इसमें स्थायी भूमि अधिकार, रोजगार, पुनर्वास और वनाधिकार कानून लागू करने की मांग उठाई गई है। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है।
sonbhadra
1:32 PM, Oct 30, 2026
Share:


विस्थापितों के अधिकारों की मांग को लेकर भाकपा नेता देव कुमार विश्वकर्मा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
विज्ञापन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जिला काउंसिल सोनभद्र ने जिले में रिहंद बांध, कनहर बांध और नगवां बांध सहित विभिन्न परियोजनाओं से विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रपति को 11 सूत्रीय मांगपत्र भेजा है। इसमें विस्थापित परिवारों को स्थायी भूमि अधिकार, रोजगार, समुचित पुनर्वास, वनाधिकार कानून लागू करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। भाकपा जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 1960 में रिहंद बांध के निर्माण से हजारों परिवार विस्थापित हुए थे। इसके बावजूद आज तक अनेक परिवारों को सरकारी भूमि पर स्थायी भौमिक अधिकार और समुचित पुनर्वास का लाभ नहीं मिल सका है। विस्थापित परिवार आज भी रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं को उद्योगों में प्राथमिकता के आधार पर स्थायी रोजगार देने की भी मांग की गई है।उन्होंने कहा कि वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत पात्र आदिवासी एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों को भूमि का अधिकार दिया जाए। साथ ही 75 वर्ष के साक्ष्य संबंधी प्रावधान को समाप्त करने की मांग उठाई। रिहंद जलाशय में बढ़ते प्रदूषण की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। मांगपत्र में हाथीनाला से छत्तीसगढ़ सीमा तक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के साथ सरकारी इंटर कॉलेज, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग शामिल है। बभनी विकासखंड के ग्राम पंचायत बरवाटोला (क), राजस्व गांव सालेनाग में चार वर्ष पूर्व ध्वस्त प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का पुनर्निर्माण कराने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों पर स्टाफ नर्स और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग भी की गई है। इसके अलावा एनटीपीसी, एनसीएल, हिंडाल्को, कनोरिया केमिकल्स सहित अन्य औद्योगिक संस्थानों के सीएसआर फंड के उपयोग की सार्वजनिक जांच कराने और प्रभावित गांवों तक इसका लाभ पहुंचाने की मांग की गई है। देव कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि ये मांगें विस्थापितों, आदिवासियों, किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं के जल, जंगल, जमीन, रोजगार, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन के अधिकार से जुड़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई कराने की अपील की।



