Sonbhadra News: महाशिवरात्रि पर गुप्त काशी स्थित मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, डीएम ने बरेला महादेव मंदिर में की पूजा अर्चना.
गुप्त काशी के नाम से विख्यात सोनभद्र जिले में महाशिवरात्रि का महापर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के प्रमुख मंदिरों और शिवालयों में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जिन्होंने उपवास रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह भी शिव भक्ति में लीन दिखे।
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1:12 PM, Feb 15, 2026
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पुलिस प्रशासन के साथ मेडिकल की टीम भी मंदिर परिसर के पास मौजूद रही।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
गुप्त काशी के नाम से विख्यात सोनभद्र जिले में महाशिवरात्रि का महापर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के प्रमुख मंदिरों और शिवालयों में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जिन्होंने उपवास रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह भी शिव भक्ति में लीन दिखे। उन्होंने बरेला महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। डीएम ने कहा कि महाशिवरात्रि का पहला दिन होने से यह शुभ अवसर है और यह एक बहुत पुराना शिव मंदिर है। यहां आकर उन्हें अच्छा लगा। गोठानी स्थित सोमनाथ मंदिर में सुबह मंगलाआरती के बाद भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसी तरह ओबरा के बाबा भूतेश्वर दरबार शिव मंदिर और डाला स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष अभिषेक अनुष्ठान हुए। पूरे जिले के शिवालयों में 'शिव शंभू' के जयकारे गूंजते रहे। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिरों के बाहर लगनी शुरू हो गईं, जो देर रात तक जारी रहीं। कई स्थानों पर किलोमीटर तक लंबी लाइनें देखी गईं। पूरे दिन और रात मंदिरों में रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन हुआ। 'हर हर महादेव' और 'बम बम भोले' के जयकारों से माहौल गूंजता रहा। भक्तों ने कतार में खड़े होकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित किए। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, देश की उन्नति और समाज में भाईचारा बनाए रखने की कामना की। बच्चों और युवाओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। कुछ श्रद्धालुओं ने देश की शांति और आगामी भारत-पाकिस्तान मैच में भारत की जीत के लिए भी पूजा-अर्चना की। प्रशासन और मंदिर समिति की व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन कर पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। पुलिस प्रशासन के साथ मेडिकल की टीम भी मंदिर परिसर के पास मौजूद रही। मंदिर परिसर के पास मिठाई सहित अन्य दुकानें और खेल-खिलौने की दुकानें लगी हुई थीं, जहां भक्तों और अन्य लोगों को खरीदारी करते देखा गया। चोपन ब्लॉक के गोठानी गांव में स्थित बाबा सोमनाथ मंदिर, जिसे गुप्तकाशी के नाम से भी जाना जाता है, पूरे जनपद के लोगों की आस्था का केंद्र है। यह पवित्र धाम कई ऐतिहासिक प्रतीकों और दिव्य मान्यताओं से परिपूर्ण है, जो इसे धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाता है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 15वीं सदी में अगोरी पर खरवार राजवंश के शासनकाल के दौरान हुआ था। मंदिर निर्माण में राजा मुलागत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, और इसे क्षेत्र की कला और संस्कृति का संग्रहालय कहा जा सकता है। इस मंदिर का संबंध अगोरी राजवंश और वीर लोरिक से भी जुड़ा हुआ है, जो इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को और बढ़ाता है। सेक्टर तीन में स्थित भूतेश्वर दरबार के नाम से प्रसिद्ध एक गुफा में महादेव का रहस्यमयी संसार बसा हुआ है। श्रद्धालु इस गुफा में 30 से 35 फीट अंदर तक जाकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। अब तक यहां 50 से अधिक प्राकृतिक शिवलिंग मिल चुके हैं। जैसे-जैसे लोग गुफा के अंदर बढ़ रहे हैं, प्राकृतिक शिवलिंगों का मिलना अभी भी जारी है। इसे लेकर जहां रहस्य बना हुआ है, वहीं इसे शिव साधना का केंद्र या नागलोग से जुड़ाव मानते हुए इस स्थल के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
