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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news crows scratched the dead body of the calf in obra gaushala vishwa hindu mahasangh angrily raised questions on the arrangements

Sonbhadra News: ओबरा गौशाला में मृत बछड़े के शव को कौवों ने नोचा,विश्व हिंदू महासंघ ने गुस्से में व्यवस्थाओं पर उठाये सवाल.

ओबरा गौशाला में मृत बछड़े के शव को कौवों द्वारा नोचे जाने का मामला सामने आया है। विश्व हिंदू महासंघ भारत के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। चारा-पानी, उपचार और मृत गोवंश के निस्तारण को लेकर सवाल उठाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की गई।

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11:54 AM, Sep 25, 2026

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Sonbhadra News: ओबरा गौशाला में मृत बछड़े के शव को कौवों ने नोचा,विश्व हिंदू महासंघ ने गुस्से में व्यवस्थाओं पर उठाये सवाल.
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ओबरा गौशाला में निरीक्षण के दौरान गोवंश की स्थिति, चारा व्यवस्था और मृत बछड़े के शव का जायजा लेते विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारी।

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Story By: विकास कुमार हलचल, ओबरा।

सोनभद्र।

नगर पंचायत ओबरा की गौशाला में एक मृत बछड़े के शव को कौवों द्वारा नोचे जाने का मामला सामने आया है। यह घटना 24 सितंबर 2026 की शाम को हुई, जिसके बाद गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ गए हैं। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू महासंघ भारत के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और गौशाला का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौवंश के खान-पान और उनकी देखरेख को लेकर भी कई सवाल उठाए गए। पदाधिकारियों ने बताया कि गौशाला में भूसा तो मौजूद था, लेकिन चूनी नहीं दिखी। उन्होंने मांग की कि गौवंश के लिए पर्याप्त चारा-पानी, बीमार पशुओं का सही इलाज और मृत पशुओं के शवों को तुरंत और सही तरीके से ठिकाने लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए। विश्व हिंदू महासंघ भारत के जिला महामंत्री सूर्या सिंह बघेल ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उनकी गौसेवा टीम ने एक घायल गौवंश को गौशाला पहुंचाया था। उस समय गौवंश जीवित था और उसके इलाज का भरोसा दिया गया था। बाद में जब टीम इलाज की स्थिति देखने पहुंची, तो पता चला कि गौवंश की मौत हो चुकी थी और उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं दी गई थी। इसी दौरान टीम ने एक छोटे बछड़े को भी देखा, जिसकी मां पहले ही मर चुकी थी।

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बघेल के मुताबिक, सुबह तक बछड़ा जीवित था और डॉक्टर ने उसका इलाज भी किया था। लेकिन जब वे दोबारा गौशाला पहुंचे, तो कौवे उसके शव को नोच रहे थे। इस दृश्य को देखकर गौ रक्षकों ने नाराजगी जताई और गौशाला में मृत गौवंश के शवों को ठिकाने लगाने की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मृत पशुओं के शव खुले में नहीं रहने चाहिए और उन्हें तुरंत सही तरीके से दफनाया जाना चाहिए या हटाया जाना चाहिए। जिला महामंत्री ने कहा कि गौवंश संरक्षण के लिए सरकार लगातार कोशिशें कर रही है। ऐसे में गौशाला में इस तरह की स्थिति सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाओं, पशुओं के इलाज, खान-पान, निगरानी और मृत गौवंश के शवों को ठिकाने लगाने की सही जांच की मांग की है। इस दौरान जिला अध्यक्ष विजेंद्र कुमार मिश्रा, गौ रक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अमित बंसल, जिला महामंत्री सूर्या सिंह बघेल, नगर अध्यक्ष भानु प्रताप, नगर प्रभारी रत्नेश अग्रहरि, नगर उपाध्यक्ष देव पटेल और नगर महामंत्री राहुल कनौजिया मौजूद रहे। गौ रक्षकों ने मांग की कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि गौशाला में रहने वाले गोवंश की नियमित निगरानी, पर्याप्त चारा-पानी और बीमार पशुओं के उपचार के साथ मृत पशुओं के शवों के तत्काल निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।


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