Sonbhadra News: साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल.
पिपरी पुलिस ने साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, ये अभियुक्त क्यूआर कोड स्कैन के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी कर धन ठग रहे थे। अभियुक्तों के कब्जे से चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं।
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6:52 PM, Nov 2, 2025
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साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना पिपरी और साइबर क्राइम पुलिस थाना की संयुक्त कार्रवाई में चार साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ये अभियुक्त क्यूआर कोड स्कैन के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी कर धन ठग रहे थे। यह मामला रेनुकुट, पिपरी निवासी अजय कुमार पुत्र संकठा प्रसाद चौरसिया की शिकायत से शुरू हुआ।
उन्होंने अपनी तहरीर में बताया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी दुकान पर लगे क्यूआर कोड का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी का पैसा मंगवाया। इसके बाद वादी से नकद पैसे लिए और उनके खाते में ₹5200 धोखाधड़ी का पैसा जमा कर दिया, जिससे उनका खाता अवरुद्ध हो गया। इस शिकायत के आधार पर थाना पिपरी में मुकदमा अपराध संख्या 217/2025, धारा 318(4), 336(3) BNS और 66D IT Act के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देश तथा अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी के पर्यवेक्षण में जांच शुरू की गई। थाना पिपरी और साइबर क्राइम पुलिस थाना की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से अभियुक्तों की तलाश की।
01 नवंबर 2025 की रात को टीम ने इन चारों अभियुक्तों को थाना पिपरी क्षेत्र के मुर्धवा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त लखनऊ के गोयल इंस्टीट्यूट और महर्षि यूनिवर्सिटी से बी.बी.ए. और डेटा एनालिसिस का कोर्स कर रहे हैं। गिरफ्तारी के समय उनके कब्जे से चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, ये शातिर ठग हैं और इन्होंने अन्य व्यक्तियों से भी धोखाधड़ी की है, जिनके खिलाफ अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं। ये जनसेवा केंद्रों और वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर उनके क्यूआर कोड प्राप्त करते थे और उन्हीं क्यूआर कोड पर धोखाधड़ी का पैसा मंगवाकर कमीशन के रूप में अलग से धन प्राप्त करते थे।



