Sonbhadra News: डिजिटल अरेस्ट कर सेवानिवृत्त अधिकारी से 2.36 करोड़ की साइबर ठगी, मुख्य अभियुक्त समेत तीन गिरफ्तार.
डिजिटल अरेस्ट कर सेवानिवृत्त अधिकारी से 2.36 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में मुख्य अभियुक्त समेत तीन गिरफ्तार। पुलिस ने 75 लाख रुपये होल्ड/फ्रीज कराए, ठगी की रकम से खरीदी टाटा हैरियर और 2.10 लाख रुपये नकद बरामद। फर्जी हाईकोर्ट अधिवक्ता आईडी कार्ड, पांच मोबाइल बरामद; AI, डीपफेक इमेज और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जांच जारी।
sonbhadra
5:16 PM, Sep 25, 2026
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खुलासे के दौरान पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों, बरामद टाटा हैरियर कार व नकदी के साथ कार्रवाई की जानकारी दी।
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Story By: विकास कुमार हलचल।
सोनभद्र।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सेवानिवृत्त अधिकारी से करीब 2 करोड़ 36 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में सोनभद्र साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के मुख्य अभियुक्त समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने हायर ज्यूडिशियरी और शासन के अधिकारियों का भय दिखाकर पीड़ित को फोन पर दबाव में लिया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम में से 75 लाख रुपये होल्ड/फ्रीज कराए हैं। पुलिस के अनुसार 22 सितंबर को भारतीय स्टेट बैंक के एक शाखा प्रबंधक ने साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र को सूचना दी कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी बार-बार किसी व्यक्ति के बताए खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर रहा है। पूछताछ में वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। उसकी स्थिति से बैंक अधिकारियों को आशंका हुई कि वह किसी के दबाव में धनराशि भेज रहा है। सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी टीम के साथ बैंक पहुंचे, लेकिन तब तक संबंधित व्यक्ति वहां से जा चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश कर जानकारी पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा को दी। एसपी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल और क्षेत्राधिकारी साइबर हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में जांच आगे बढ़ाई गई। पूछताछ में सामने आया कि पीड़ित को हायर ज्यूडिशियरी और शासन के अधिकारियों का भय दिखाकर कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट किया गया था। आरोपियों ने अलग-अलग तीन बैंक खातों में करीब 2.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। इसके बाद भी उनसे लगातार और रकम की मांग की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क कर खातों पर तत्काल रोक लगवाई और बैंक में अलर्ट भी कराया। साथ ही एक्सटॉर्शन में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की निगरानी शुरू की गई। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की तीन टीमें अलग-अलग स्थानों पर रवाना की गईं। पुलिस के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुख्य अभियुक्त अरुण कुमार दूबे को प्रयागराज स्थित ओमेक्स अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर कथित तौर पर ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा हैरियर कार और 2.10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। मामले में सहयोग करने के आरोप में दो महिलाओं प्रियंका मिश्रा और तेजल को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिवक्ता का कथित फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा AI तकनीक, डीपफेक इमेज और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ब्लैकमेलिंग एवं एक्सटॉर्शन किया जा रहा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में पीड़ित की ठगी गई रकम में से 75 लाख रुपये होल्ड/फ्रीज कराए गए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और लेन-देन की कड़ियों की भी जांच कर रही है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर थाना, साइबर सेल और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई के तहत की गई।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-:
प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी- साइबर थाना/साइबर सेल, सोनभद्र
प्रभारी निरीक्षक नागेश कुमार सिंह- थाना ओबरा, सोनभद्र
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उपनिरीक्षक बृजेश दूबे- साइबर थाना, सोनभद्र
हेड कांस्टेबल संजय वर्मा- साइबर थाना, सोनभद्र
हेड कांस्टेबल मनीष सिंह- स्वाट टीम, सोनभद्र
कांस्टेबल जय प्रकाश सरोज- स्वाट टीम, सोनभद्र
कांस्टेबल सुनील रावत- साइबर सेल, सोनभद्र।



