Sonbhadra News: बुधवार शाम सोन नदी में मिला मगरमच्छ का शव, वीडियो वायरल; पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज.
चोपन थाना क्षेत्र के करगरा गांव के पास सोन नदी में बुधवार शाम एक मगरमच्छ का शव पानी की सतह पर उतराता मिला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना पर पहुंची गुरमा रेंज की वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेंजर पवन सचान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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12:41 PM, Aug 6, 2026
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चोपन के करगरा गांव के पास सोन नदी में पानी की सतह पर उतराता मिला मगरमच्छ का शव, मचा हड़कंप।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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चोपन थाना क्षेत्र के करगरा गांव के समीप सोन नदी में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने नदी की सतह पर एक मगरमच्छ का शव उतराता हुआ देखा। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर गुरमा रेंज की वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के शव को नदी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मगरमच्छ की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि मगरमच्छ की मौत करीब दो दिन पहले हुई होगी। शव के फूल जाने के कारण वह पानी की सतह पर आ गया, जिससे लोगों की नजर उस पर पड़ी। फिलहाल वन विभाग मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालने से बच रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि नदी में मिला यह वही मगरमच्छ हो सकता है जिसने कुछ दिन पहले सोन नदी में मछली पकड़ने गए एक वृद्ध पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। हालांकि, वन विभाग ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। गुरमा रेंज के रेंजर पवन सचान ने बताया कि मगरमच्छ के शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि शव से दुर्गंध आने लगी थी, जिसके बाद विभाग को सूचना मिली। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि मगरमच्छ किसी दूसरे क्षेत्र से बहकर यहां पहुंचा हो। मध्य प्रदेश के घड़ियाल अभयारण्य अथवा अन्य जल स्रोतों से भी मगरमच्छ इस क्षेत्र तक आ सकते हैं। रेंजर ने बताया कि वर्तमान में मगरमच्छों का प्रजनन काल चल रहा है। इस दौरान क्षेत्रीय वर्चस्व या आपसी संघर्ष के कारण भी उनकी मौत हो सकती है। हालांकि अक्सर मौत के तीन कारण होते है। फिलहाल वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
