Sonbhadra News: घर के बंटवारे के विवाद में जानलेवा हमला, चोपन पुलिस ने 24 घंटे में तीन अभियुक्त दबोचे.
चोपन थाना पुलिस ने घर के बंटवारे को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में तीन वांछित अभियुक्तों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया गया।
sonbhadra
5:04 PM, May 16, 2026
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धारदार हथियार बरामद, पुलिस ने अभियुक्तों को भेजा न्यायालय।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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चोपन थाना पुलिस ने मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में वांछित तीन अभियुक्तों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 15 मई 2026 को ग्राम पटवध, चोपन से की गई। अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद किया गया है। यह मामला घर के बंटवारे को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। 15 मई 2026 को जानकी देवी पत्नी रजनीश विश्वकर्मा ने चोपन थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनके भसुर कृपाशंकर विश्वकर्मा, उनकी पत्नी पार्वती, पुत्र रवि विश्वकर्मा और पुत्री मीनू ने गाली-गलौज करते हुए उनके पति रजनीश विश्वकर्मा पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। तहरीर के आधार पर चोपन थाने में मु.अ.सं. 0177/2026 धारा 109(1), 115(2), 191(2), 352, 351(3) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के पर्यवेक्षण में, क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के कुशल निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक चोपन अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी। इसी क्रम में, 15 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर चोपन पुलिस ने ग्राम पटवध, चोपन से घेराबंदी कर तीनों वांछित अभियुक्तों को शाम करीब 07:25 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक धारदार हथियार भी बरामद हुआ। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कृपाशंकर (उम्र करीब 51 वर्ष), रविशंकर (उम्र करीब 29 वर्ष) और शशिकांत (उम्र करीब 19 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी ग्राम पटवध, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र के निवासी हैं और कृपाशंकर के पुत्र हैं। गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय भेजा गया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामफेर यादव, कांस्टेबल शिवम सरोज और रिक्रूट कांस्टेबल सत्यम त्रिपाठी की पुलिस टीम शामिल थी।
