Sonbhadra News: एचबीएन निवेशकों की जमा पूंजी वापसी की मांग तेज, राष्ट्रपति और सेबी को भेजा पत्र.
एचबीएन डेयरिज एंड एलाइड लिमिटेड में जमा निवेशकों की धनराशि वापस कराने की मांग तेज हो गई है। भाकपा जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा ने राष्ट्रपति, सेबी और अन्य जिम्मेदार संस्थाओं को पत्र भेजा है। आरटीआई के जरिए कंपनी की वर्तमान स्थिति, जमा पूंजी की सुरक्षा और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है।
sonbhadra
5:54 PM, Nov 6, 2026
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एचबीएन निवेशकों की जमा पूंजी वापसी पर भाकपा ने सेबी को आरटीआई भेजकर विस्तृत जानकारी मांगी है।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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एचबीएन डेयरीज एंड एलाइड लिमिटेड कंपनी में आरडी और एफडी के माध्यम से जमा निवेशकों की धनराशि वापस कराने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने पहल की है। इस संबंध में 5 नवंबर को रजिस्टर्ड डाक से राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, राजनीतिक नेतृत्व और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को पत्र भेजा गया है। भाकपा के जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि एचबीएन डेयरीज एंड एलाइड लिमिटेड एवं एचबीएन फूड्स लिमिटेड में आम जनता ने अपनी वर्षों की मेहनत की कमाई आरडी और एफडी के रूप में जमा की थी। लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद कई निवेशकों को उनकी जमा धनराशि वापस नहीं मिल रही है। इससे गरीब, मजदूर, किसान, बुजुर्ग और मध्यमवर्गीय परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा सेबी को पत्र भेजकर निवेशकों की समस्या से अवगत कराया गया है। साथ ही सेबी के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को आरटीआई आवेदन भेजकर दोनों कंपनियों से संबंधित निवेशकों की जमा पूंजी की वर्तमान स्थिति, उसकी सुरक्षा और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है। पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि निवेशकों की मूल जमा राशि ब्याज सहित वापस कराने की प्रभावी व्यवस्था की जाए। भुगतान की निश्चित समय-सीमा घोषित हो और मामले में जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके अलावा अपनी जमा पूंजी मांगने वाले निर्दोष निवेशकों और अभिकर्ताओं का अनावश्यक पुलिस उत्पीड़न रोकने की भी मांग उठाई गई है। देव कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि यह लड़ाई लाखों मेहनतकश निवेशकों की गाढ़ी कमाई और उनके आर्थिक अधिकारों से जुड़ी है। जब तक निवेशकों को उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिलती, तब तक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।


