Sonbhadra News: महिला अधिवक्ता से अभद्रता पर वकीलों का प्रदर्शन, दोषी बचे टोल कर्मियों की गिरफ्तारी और लोढ़ी टोल प्लाजा हटाने की मांग.
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में बीते दिन टोल प्लाजा पर हुई मारपीट की घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन किया। इस मामले में अधिवक्ताओं ने दोषी बचे 8 टोल कर्मियों की गिरफ्तारी और लोढ़ी टोल प्लाजा को हटाने की मांग की है।
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5:08 PM, Feb 2, 2026
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मामले में सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में बीते दिन टोल प्लाजा पर हुई मारपीट की घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन किया। इस मामले में अधिवक्ताओं ने दोषी बचे 8 टोल कर्मियों की गिरफ्तारी और लोढ़ी टोल प्लाजा को हटाने की मांग की है। कचहरी से एकजुट होकर निकले अधिवक्ता टोल प्लाजा की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, टोल प्लाजा पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद अधिवक्ताओं का एक समूह स्वर्ण जयंती चौक लौट गया, जहां उन्होंने अपनी बात रखी। वहीं, पीड़ित अधिवक्ता आरती पाण्डेय और अन्य सैकड़ों अधिवक्ताओं ने कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर घंटों टोल प्लाजा पर धरना दिया। अधिवक्ता आरती पाण्डेय ने कहा, "हमें इंसाफ चाहिए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।" अधिवक्ताओं ने मारपीट में शामिल 8 अन्य टोल कर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अधिवक्ताओं ने लोढ़ी टोल प्लाजा को हटाने की मांग भी तेज कर दी है। उनका तर्क है कि 40 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा नियमों का उल्लंघन है। इसके साथ ही, लोढ़ी टोल प्लाजा की वैधता और संचालन को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठाई गई है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है। पूरे मामले में सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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वाराणसी से आए अधिवक्ता राजेश प्रसाद ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि लोढ़ी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा एक महिला अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मौके पर मौजूद टोल कर्मी का रवैया अशोभनीय था, जिसके बाद सभी अधिवक्ता विरोध दर्ज कराने के लिए एकत्रित हुए। अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि लोढ़ी टोल प्लाजा का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए और दोषी टोल कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उनकी प्रमुख मांगों में टोल प्लाजा को स्थायी रूप से बंद करना भी शामिल है। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को 24 घंटे के भीतर दोषी टोल कर्मियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अधिवक्ताओं ने इस आश्वासन के बाद भी अपनी मांगों पर दृढ़ता बनाए रखी है। राजेश प्रसाद ने पूर्व में हैदरगंज, बाराबंकी में हुई इसी तरह की घटना का जिक्र किया, जहां अधिवक्ताओं के पहुंचने पर त्वरित कार्रवाई की गई थी। उस मामले में टोल कर्मी मौके से फरार हो गए थे और सभी दोषियों को जेल भेजा गया था। अधिवक्ताओं ने सोनभद्र में भी वैसी ही सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे लोढ़ी टोल प्लाजा के पास फिर से आंदोलन करने और धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने अधिवक्ता समाज की एकजुटता पर जोर दिया।
अधिवक्ता राघवेद्र ने बताया कि आरती पांडेय के साथ मारपीट की घटना निंदनीय है, इस घटना के बाद वकीलों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मारपीट में शामिल 8 अन्य टोल कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही लोढ़ी टोल प्लाजा को हटाने की मांग भी तेज हो गई है। धरना स्थल पर प्रशासन ने अधिवक्ताओं को 24 घंटे के भीतर दोषी पक्ष द्वारा माफी मांगने और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और शेष की गिरफ्तारी प्रक्रिया जारी है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक अधिवक्ता के लिए नहीं, बल्कि आम जनमानस की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने अवैध रूप से संचालित टोल प्लाजा और टोल वसूली के खिलाफ भी अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही। प्रशासन द्वारा 24 घंटे के भीतर कार्रवाई के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।



