Sonbhadra News: अरंगी में प्रधान और सचिव के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, भ्रष्टाचार और धन उगाही के लगाए आरोप.
अरंगी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों, नाली निर्माण, मनरेगा और आवास योजनाओं में भारी अनियमितता हुई है। कई महिलाओं ने आवास दिलाने के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये लेने के बावजूद लाभ न मिलने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने पेयजल संकट, खराब हैंडपंप और जल निकासी की समस्या भी उठाई।
sonbhadra
11:06 AM, Jun 10, 2026
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ग्राम पंचायत अरंगी में भ्रष्टाचार और आवास योजना में अनियमितता को लेकर भड़के ग्रामीण।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
विकास खंड रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के अरंगी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और ग्राम पंचायत में विकास कार्यों, आवास योजना, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था तथा मनरेगा कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीण राजेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में ग्राम पंचायत में हुए अधिकांश विकास कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि पेयजल संकट, शौचालयों की बदहाल स्थिति और पंचायत भवन मरम्मत के लिए आए धन का सही उपयोग नहीं किया गया। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान पहले सामान्य आर्थिक स्थिति में थे, लेकिन अब आलीशान मकान और लग्जरी वाहनों के मालिक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देकर मामले की जांच की मांग की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नाली निर्माण के लिए धन स्वीकृत होने के बावजूद अधिकांश स्थानों पर काम नहीं कराया गया। शिकायतों के बाद जांच की आशंका से कुछ स्थानों पर जल्दबाजी में निर्माण कार्य शुरू कराया गया। गांव में जल निकासी की व्यवस्था न होने से कई मोहल्लों में घरों के सामने 10 से 15 दिनों तक पानी जमा रहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
केकराही निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने जन सूचना अधिकार के तहत ग्राम विकास अधिकारी से जानकारी मांगी थी। प्राप्त अभिलेखों की जांच करने पर कई कार्यों में अनियमितता सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि केकराही माइनर से अमृत सरोवर तक नाली निर्माण के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि जमीन पर कार्य नहीं हुआ। अंत्येष्टि स्थल और ग्राम वाटिका निर्माण में भी लागत से कम और घटिया निर्माण कराने का आरोप लगाया गया। ग्रामीण महिलाओं ने भी आवास योजना में धन उगाही के आरोप लगाए।
लीलावती, मनीषा और चंदा देवी ने बताया कि उनसे आवास दिलाने के नाम पर 1 हजार से 20 हजार रुपये तक लिए गए, लेकिन आज तक आवास नहीं मिला। चंदा देवी ने कहा कि उनका बेटा दिव्यांग है, फिर भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। वहीं रामबली ने बताया कि गांव का हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। भीषण गर्मी में लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि ग्राम पंचायत में टैंकर उपलब्ध होने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, आरोपों के संबंध में ग्राम प्रधान पक्ष का बयान प्राप्त नहीं हो सका है।
