Sonbhadra News: राख प्रदूषण से त्रस्त ग्रामीणों का प्रदर्शन, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी.
ओबरा तहसील क्षेत्र के खैरटिया गांव के ग्रामीणों ने राख डंपिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिव दत्त दुबे के नेतृत्व में विरोध हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खुले में राख डंप होने से घरों तक प्रदूषण पहुंच रहा है। 2-3 इंच तक राख जमा होने और बीमारियों का खतरा बढ़ने की बात कही गई। प्रशासन से कार्रवाई की मांग, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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4:28 PM, May 3, 2026
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ग्रामीणों ने नवागत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से कार्रवाई की अपील की।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
ओबरा तहसील स्थित रेणुका पुल के पास रविवार को खैरटिया गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने ऐश डैम से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व शिव दत्त दुबे ने किया। ग्रामीणों का आरोप है कि ओबरा तापीय परियोजना से निकलने वाली राख को खुले में डंप किया जा रहा है और उस पर मिट्टी की कोई परत नहीं डाली जा रही है। इसके चलते तेज हवा के साथ राख उड़कर सीधे आवासीय क्षेत्रों में पहुंच रही है। ग्रामीणों ने बताया कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई घरों में लगभग 2-3 इंच तक राख जमा हो जाती है, जिससे अनाज, कपड़े और घर का पूरा वातावरण प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय निवासी नीरज रेड्डी ने बताया कि राख इतनी मात्रा में उड़ती है कि सुबह नहाने के दौरान बालों से भी राख निकलती है और सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार ओबरा सीजीएम से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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नीरज ने वर्तमान सरकार से निवेदन किया कि राख के डंपिंग स्थल का उचित समतलीकरण कर उस पर मिट्टी की परत डाली जाए तथा बड़े स्तर पर पौधारोपण कराया जाए, ताकि क्षेत्र को फिर से हरा-भरा बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि सी प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले यह इलाका प्राकृतिक रूप से हरित (ग्रीन बेल्ट) क्षेत्र था, लेकिन परियोजना और दुसान कंपनी की गतिविधियों के कारण यह पूरी तरह उजड़ गया है। ग्रामीणों ने मांग की कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस क्षेत्र को पुनः ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि राख के कारण पानी भी प्रदूषित हो रहा है और लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में टीवी (टीबी) जैसी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं और बच्चों व बुजुर्गों का स्वास्थ्य सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अपना दल (यस) जिलासचिव शिव दत्त दुबे ने कहा कि ओबरा तहसील अंतर्गत बिल्ली-मारकुंडी के टोला खैरटिया में एस डैम के पास डंप की जा रही फ्लाई ऐश (राख) के विरोध में ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि बीते दिन गांव के कई घरों में लगभग 3 इंच तक राख जमा हो गई, जिससे अनाज तक प्रभावित हो गया और चारों तरफ सिर्फ प्रदूषण ही दिखाई दे रहा था।
उन्होंने बताया कि राख उड़कर सीधे घरों तक पहुंच रही है, जिससे लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है और जहरीली हवा के कारण दम घुटने जैसी स्थिति बन रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है और लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। शिव दत्त दुबे ने कहा कि इस संबंध में कई बार ओबरा सीजीएम को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और केवल आश्वासन ही दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राख को खुले में बिना किसी मानक के रखा जा रहा है, जबकि इसके ऊपर कम से कम 5 फुट मिट्टी की परत डालना आवश्यक है, ताकि प्रदूषण को रोका जा सके। उन्होंने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण सीजीएम का घेराव करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर लखनऊ तक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति में पूरे गांव का वातावरण प्रदूषित हो चुका है और खाना बनाना, अनाज रखना व कपड़े सुखाना तक मुश्किल हो गया है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि मिट्टी के नाम पर क्षेत्र में अवैध बालू खनन भी किया जा रहा है, जिससे सरकार को नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
