Sonbhadra News: सीता विदाई प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु, श्रीराम कथा में गूंजे जय श्रीराम के जयघोष.
मेडर माता मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन कथा व्यास पूज्य श्री दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने सीता विदाई, श्रीराम-केवट संवाद और वनगमन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणास्रोत हैं तथा श्रीरामचरितमानस जीवन जीने की कला सिखाता है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा।
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6:44 PM, Jul 25, 2026
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मेडर माता मंदिर में श्रीराम कथा के दौरान कथा व्यास पूज्य दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज का आशीर्वाद लेते श्रद्धालु व अतिथि।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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सोनभद्र के चोपन स्थित मेडर माता मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन सीता विदाई प्रसंग का वर्णन किया गया। कथा व्यास पूज्य श्री दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने यह मार्मिक प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर हजारों श्रद्धालु भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। महाराज श्री ने माता सीता की विदाई का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा वातावरण करुणा, प्रेम और भक्ति से भर गया। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और केवट संवाद की भी व्याख्या की। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम की लीलाएं केवल धार्मिक कथाएं नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणाएं हैं। दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और धर्मपालन का संदेश दिया। उनकी संगीतमय शैली में प्रस्तुत कथा ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान 'जय श्रीराम' के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान होता रहा। अपने प्रवचन में कथा व्यास ने कहा कि प्रभु श्रीराम कण-कण में विद्यमान हैं और सच्ची श्रद्धा से स्मरण करने पर उनकी कृपा अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने श्रीरामचरितमानस को जीवन जीने की कला सिखाने वाला अमूल्य मार्गदर्शक बताया। महाराज श्री ने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें जितनी मजबूत होंगी, समाज उतना ही सशक्त और संस्कारित बनेगा। महाराज श्री ने भारत भूमि को देवभूमि और पुण्यभूमि बताते हुए राष्ट्रहित और राष्ट्ररक्षा को सर्वोपरि बताया। उन्होंने समाज से संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उनके ओजस्वी विचारों ने श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार किया। कथा के दौरान मेडर माता मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। भजन, संकीर्तन और श्रीराम के जयघोष से वातावरण दिव्य हो उठा। श्रद्धालु देर रात तक कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करते रहे। कार्यक्रम के आयोजक धर्माचार्य शिवकुमार पहाड़ी बाबा ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीराम कथा समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का माध्यम है। इस अवसर पर संरक्षक राजा मिश्रा, नागेश्वर प्रसाद गोंड़, श्यामा चरण गिरी, संतोष साहनी, राजकुमार टपू, अजय साहनी, संदीप चौरसिया, राजेन्द्र, राजकुमार निषाद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुनील सिंह ने किया। श्रीराम कथा महोत्सव में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों के समर्पण को दर्शा रही है।
