Sonbhadra News: पगडंडी से खेत पहुंचे डीएम, जीएनएसएस रोवर से विशेष पैमाइश अभियान का किया शुभारंभ.
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में 1 जुलाई से 15 अगस्त तक जीएनएसएस (GNSS) रोवर तकनीक आधारित विशेष पैमाइश अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बभनौली कला गांव में पगडंडी के रास्ते खेत तक पहुंचकर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत खेतों, चकमार्गों और राजस्व अभिलेखों की आधुनिक तकनीक से सटीक एवं पारदर्शी पैमाइश की जाएगी।
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6:18 PM, Jul 1, 2026
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पगडंडी के रास्ते खेत पहुंचकर जीएनएसएस रोवर आधारित विशेष पैमाइश अभियान की समीक्षा करते जिलाधिकारी चर्चित गौड़
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद में 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक जीएनएसएस (GNSS) रोवर तकनीक आधारित विशेष पैमाइश अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान का शुभारंभ बुधवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बभनौली कला गांव में किसानों के खेत पर पहुंचकर किया। इस दौरान उन्होंने पगडंडी के रास्ते पैदल चलकर खेत तक पहुंचते हुए स्वयं अपनी मौजूदगी में आधुनिक रोवर तकनीक से पैमाइश कार्य प्रारंभ कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य खेतों, चकमार्गों एवं राजस्व अभिलेखों की सटीक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से प्रमाणिक पैमाइश सुनिश्चित करना है। आधुनिक जीएनएसएस रोवर तकनीक के उपयोग से भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में तेजी आएगी और किसानों को सही राजस्व अभिलेख उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए। प्रत्येक तहसील में गठित रोवर टीम प्रतिदिन कम से कम पांच गांवों में पहुंचकर पैमाइश का कार्य करेगी। अभियान के दौरान फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट का नियमित अभिलेखीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कार्य की पारदर्शिता बनी रहे।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आधुनिक तकनीक का उपयोग कर भूमि संबंधी समस्याओं का त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से अभियान पूरा करने तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के खेत तक पगडंडी के रास्ते पैदल पहुंचने और किसानों के बीच जाकर अभियान का शुभारंभ करने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उनकी सादगी, जमीनी कार्यशैली और किसानों से सीधे संवाद स्थापित करने की पहल की सराहना की। लोगों ने इसे प्रशासन की जनहितैषी सोच बताते हुए उम्मीद जताई कि आधुनिक तकनीक से भूमि पैमाइश के कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय से लंबित राजस्व विवादों का समाधान आसान होगा।



