Sonbhadra News: स्कूलों में लापरवाही पर डीएम सख्त, साप्ताहिक निरीक्षण के लिए बनेगी अधिकारियों की टीम.
सोनभद्र में विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर डीएम चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साप्ताहिक निरीक्षण के लिए अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। मिड-डे मील की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली और फर्नीचर की भी जांच होगी।
sonbhadra
8:09 PM, Aug 19, 2026
Share:


विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
विज्ञापन
जनपद के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़े निर्देश दिए हैं। बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि विद्यालयों में पठन-पाठन के साथ पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, बिजली, फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय को प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने विद्यालयों में बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने को कहा। भोजन की गुणवत्ता या वितरण व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी को विद्यालयों के प्रभावी निरीक्षण के लिए अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए। टीम में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत और खंड शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे। टीम प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का साप्ताहिक निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं, मिड-डे मील, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, बिजली और फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाओं का सत्यापन किया जाएगा। किसी विद्यालय में अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक और शिक्षक की जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में माध्यमिक विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, आईटीआई और डिग्री कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था एवं सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर और अनुकूल शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में सीडीओ जागृति अवस्थी, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, डीआईओएस जयराम सिंह, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा के प्राचार्य प्रमोद कुमार सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
