Sonbhadra News: खाद वितरण में लापरवाही पर डीएम की बड़ी कार्रवाई, छह समितियों के सचिवों का वेतन रोका.
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर जनपद की सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में रामगढ़ बी-पैक्स कोन पर खाद वितरण में अनियमितता तथा अरौली, म्योरपुर, चोपन और कुरहर सहित छह समितियां बंद मिलने पर संबंधित सचिवों के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई।
sonbhadra
5:24 PM, Jul 16, 2026
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जिलाधिकारी के निर्देश पर सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद वितरण व्यवस्था का जायजा लेते अधिकारी।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
खरीफ सीजन में किसानों को समय पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर बुधवार को जनपद की सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया गया। जनपद स्तरीय अधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों ने विभिन्न सहकारी समितियों का भ्रमण कर उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई समितियों में अनियमितताएं मिलने पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए छह समितियों के सचिवों के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रामगढ़ बी-पैक्स कोन में डीएपी उर्वरक वितरण में अनियमितता पाई गई। वहीं अरौली बी-पैक्स, म्योरपुर बी-पैक्स, चोपन बी-पैक्स, कुरहर बी-पैक्स सहित अन्य समितियां निरीक्षण के समय बंद मिलीं, जहां किसानों को खाद का वितरण नहीं किया जा रहा था। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित समितियों के सचिवों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को डीएपी एवं यूरिया का वितरण पूरी पारदर्शिता और शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अन्य सहकारी समितियों पर किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद वितरित करते हुए पाया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी अथवा लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से सहकारी समितियों का निरीक्षण करने तथा किसानों को बिना किसी असुविधा के समयबद्ध ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



