Sonbhadra News: दो साल बाद भी अधूरा पड़ा लाखों का ड्रम चेकडैम, ग्रामीणों ने उठाए सवाल.
बभनी बड़होर गांव की कुशवाहा बस्ती में नाबार्ड योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से बन रहा ड्रम चेकडैम दो साल बाद भी अधूरा पड़ा है। अधूरे निर्माण के कारण बरसात का पानी नहीं रुक पा रहा और चेकडैम के किनारे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है। वहीं, कार्यदाई संस्था वाईएमसी ने बजट की कमी को देरी का कारण बताया।
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5:27 PM, Jul 29, 2026
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दो साल बाद भी अधूरा पड़ा बड़होर गांव का ड्रम चेकडैम, बरसात में क्षतिग्रस्त हुए किनारे।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी ब्लॉक के बड़होर गांव की कुशवाहा बस्ती में लाखों रुपये की लागत से बन रहा ड्रम चेकडैम दो साल बाद भी अधूरा है। निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण इसमें पानी नहीं रुक पा रहा है, जिससे इसकी उपयोगिता शून्य हो गई है। इस ड्रम चेकडैम का निर्माण नाबार्ड द्वारा शुरू किया गया था और इसकी जिम्मेदारी निर्माण संस्था वाईएमसी को दी गई थी। बरसात शुरू होने पर काम रोक दिया गया था, और संस्था ने बारिश के बाद इसे पूरा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, दूसरी बरसात का मौसम भी आ चुका है, लेकिन चेकडैम अभी भी अधूरा है। अधूरे निर्माण के कारण बरसात का पानी बिना रुके बह जाता है, जिससे भूजल रिचार्ज नहीं हो पाता। इसके किनारों को भी बारिश के तेज बहाव ने तोड़ दिया है। एक ड्रम चेकडैम का मुख्य उद्देश्य पानी के बहाव को धीमा करना, मिट्टी के कटाव को रोकना और भूजल स्तर को बढ़ाना होता है, लेकिन यह अधूरा ढांचा अपने किसी भी उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। बस्ती के निवासी उगन सिंह, राम सिंह, रमेश, राजनाथ, राजपाल, श्यामकेश्वर, जमुना सिंह, रणबहादुर सिंह, अशोक कुमार, सुग्रीव और भैरों सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उन्होंने इस ड्रम चेकडैम के निर्माण को जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की है। इस संबंध में, कार्यदाई संस्था वाईएमसी के प्रोजेक्ट मैनेजर स्वीकार रत्नम तिवारी ने बताया कि बजट की कमी के कारण प्लास्टर और फिनिशिंग का काम अधूरा रह गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बजट मिलते ही शेष कार्य को पूर्ण करा दिया जाएगा।
