Sonbhadra News बिजली विभाग की कथित लापरवाही से युवक करंट की चपेट में, ग्रामीणों ने बचाई जान.
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भुवारी गांव में बिजली के पोल पर कार्य के दौरान बकथरी निवासी विनोद कुमार पासवान करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा और 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लोढ़ी भेजा। परिजनों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर बिना शटडाउन कार्य कराने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
sonbhadra
5:41 PM, Aug 4, 2026
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भुवारी गांव में बिजली के पोल पर कार्य के दौरान करंट की चपेट में आए युवक को बचाने के प्रयास में जुटे ग्रामीण।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भुवारी गांव में बिजली के पोल पर कार्य के दौरान बकथरी गांव निवासी विनोद कुमार पासवान हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह करीब पांच मिनट तक पोल पर ही करंट से जूझते रहे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद कराकर उन्हें नीचे उतारा, जिससे उनकी जान बच सकी। घायल विनोद कुमार को तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल लोढ़ी भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि जेई अरुण पाल के निर्देश पर विनोद कुमार को बिजली के पोल पर कार्य करने के लिए चढ़ाया गया था।
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उनका कहना है कि लाइन पूरी तरह बंद होने की पुष्टि किए बिना ही कार्य शुरू करा दिया गया। जैसे ही युवक ने काम शुरू किया, लाइन में करंट प्रवाहित हो गया और वह पोल पर ही फंस गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि घटना के समय संबंधित जेई मौके पर मौजूद थे, लेकिन हादसे के बाद घायल की मदद करने के बजाय वहां से चले गए। वही घटना के बाद जब बिजली विभाग का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो विभाग की ओर से कोई भी अधिकारी आधिकारिक बयान देने के लिए सामने नहीं आया। विभाग की चुप्पी ने मामले को लेकर और सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, पीड़ित के समुचित इलाज तथा आर्थिक सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद नहीं कराई जाती तो यह घटना जान लेवा साबित हो सकती थी।
