Sonbhadra News: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मानक के विपरीत अस्पताल में नवजात की मौत, परिजनों का अस्पताल परिसर में हंगामा.
रॉबर्ट्सगंज स्थित दि अपोलो हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 22 दिन के एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल के संचालक डॉ. सौरभ सिंह और स्टाफ पर गलत इलाज का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक नवजात जुगैल थाना क्षेत्र के नेवारी भरहरी गांव निवासी सुनील का पुत्र था।
sonbhadra
9:06 PM, Nov 3, 2025
Share:


नवजात की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
रॉबर्ट्सगंज स्थित दि अपोलो हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 22 दिन के एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल के संचालक डॉ. सौरभ सिंह और स्टाफ पर गलत इलाज का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक नवजात जुगैल थाना क्षेत्र के नेवारी भरहरी गांव निवासी सुनील का पुत्र था।
परिजनों के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे राजकीय बाल चिकित्सालय, लोढ़ी ले जाया गया था। हालांकि, वहां बेड खाली न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने से मना कर दिया गया। इसके बाद परिजन नवजात को रॉबर्ट्सगंज के दि अपोलो हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में न तो अनुभवी डॉक्टर मौजूद थे और न ही बच्चे को उचित इलाज मिला। कुछ ही घंटों में नवजात ने दम तोड़ दिया। परिवार ने इलाज में लापरवाही के साथ-साथ अत्यधिक पैसे वसूलने का भी आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे।
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतक के बड़े पापा सुनील ने नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब यादव को फोन कर मौके पर आने का अनुरोध किया। डॉ. यादव ने जवाब में कहा कि मामला उनकी जानकारी में है, लेकिन वे नहीं आ सकते। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सीएमओ कार्यालय की मिलीभगत से जिले में कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम बिना पंजीकरण और अयोग्य चिकित्सकों के साथ संचालित हो रहे हैं।
इन पर मासिक उगाही का भी आरोप है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जनपद सोनभद्र में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।



