Sonbhadra News: "पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय" अभियान रैली का आयोजन, सीएसआर फंड से शिक्षा में सहयोग की कंपनियों से अपील.
सोनभद्र के शक्तिनगर से शिक्षा को बढ़ावा देने की एक सकारात्मक पहल सामने आई है, जहां “पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय” अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली गईं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के इस अभियान को कुलपति प्रो. आनंद त्यागी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और नगर से लेकर गांव-गांव तक शिक्षा का संदेश पहुंचाया।
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4:25 PM, Apr 23, 2026
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"शिक्षा ही विकास की कुंजी है" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक किया
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Story By: राजेंद्र गुप्ता, शक्तिनगर।
सोनभद्र।
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शक्तिनगर स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंतर्गत "पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय" अभियान के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। एनटीपीसी शक्तिनगर परिसर में हुई इस रैली को कुलपति प्रो. आनंद त्यागी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ग्रामप्रधान प्रमोद तिवारी व हीरालाल, एनटीपीसी सिंगरौली के प्रबंधक डॉ. ओमप्रकाश और एनसीएल खड़िया के सीएसआर अधिकारी अमरेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने नगर के विभिन्न क्षेत्रों और आसपास के गांवों में भ्रमण कर शिक्षा के महत्व का संदेश दिया। छात्रों ने "शिक्षा ही विकास की कुंजी है" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को विश्वविद्यालय से जोड़ना तथा उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. आनंद त्यागी ने एनटीपीसी शक्तिनगर कैंपस का दौरा किया। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, प्रबुद्धजनों और पत्रकारों से संवाद किया तथा शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे। कुलपति ने कहा कि पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने बताया कि एनसीएल के सीएसआर मद से छात्राओं के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने भविष्य में छात्रावास सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार करने का प्रयास करने की बात कही। कुलपति ने एनटीपीसी और एनसीएल जैसी संस्थाओं से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सीएसआर फंड का उपयोग समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रो. त्यागी ने यह भी जानकारी दी कि मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के प्रारंभ होने के बाद सोनभद्र में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सीएसआर के तहत कंप्यूटर लैब की स्थापना की जा चुकी है और जल्द ही स्मार्ट क्लास की शुरुआत भी की जाएगी, जिससे छात्रों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
