Sonbhadra News: बहुद्देश्यीय चोपन निषाद नाविक एवं मत्स्यजीवी सहकारी समिति का चुनाव संपन्न, सदाफल सर्वसम्मति से चुने गए अध्यक्ष.
बहुद्देश्यीय चोपन निषाद नाविक एवं मत्स्यजीवी सहकारी समिति का चुनाव शनिवार को संपन्न हो गया। चुनाव में सर्वसम्मति से सदाफल को समिति का अध्यक्ष चुन लिया गया। चुनाव के दौरान समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और लगातार तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
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6:16 PM, Mar 7, 2026
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मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं का लाभ समिति के सदस्यों तक पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहेगा- सदाफल।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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बहुद्देश्यीय चोपन निषाद नाविक एवं मत्स्यजीवी सहकारी समिति का चुनाव शनिवार को संपन्न हो गया। चुनाव में सर्वसम्मति से सदाफल को समिति का अध्यक्ष चुन लिया गया। चुनाव के दौरान समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और लगातार तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सोनभद्र चुनाव विभाग की ओर से चोपन ब्लॉक में नियुक्त निर्वाचन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप एवं सचिव दिलीप कुमार ने औपचारिक रूप से पदाधिकारियों के नामों की घोषणा करते हुए चुने गए सदस्यों के नाम पढ़कर सुनाए। इस दौरान उपाध्यक्ष पद के लिए भी सर्वसम्मति से राजाराम का चयन किया गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सदाफल ने कहा कि समिति को मिलने वाली मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ समिति के सदस्यों तक पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहेगा। उन्होंने बताया कि जलाशयों में मछली पालन योजना के माध्यम से सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मछुआ आवास योजना के तहत पहले भी कई लाभार्थियों को लाभ दिलाया गया है और आगे भी पात्र लोगों को इसका लाभ दिलाया जाएगा, जिससे मछुआ समुदाय के गरीब तबके का जीवन स्तर सुधर सके। सदाफल ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि नदी से जुड़े ठेके जैसे जलाशयों का टेंडर और बालू से संबंधित कार्य मछुआ समुदाय को दिए जाएं, जिससे उनके रोजगार के साधन बढ़ सकें और सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो। उन्होंने कहा कि पहले नदियों में मछली का ठेका दिया जाता था, लेकिन सेंचुरी घोषित होने के कारण उस पर रोक लग गई है। उन्होंने बताया कि बालू के ठेकों के कारण कई जगह नदियों का मार्ग बाधित हो गया है, जिससे नाव संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि चोपन स्थित छठ घाट और बजरंग घाट से अघोरी तक नौका विहार आम लोगों के लिए सुचारू रूप से संचालित किया जाए, जो मछुआ समुदाय की आजीविका का प्रमुख साधन बन सकता है। साथ ही नदी घाटों पर पक्के निर्माण की भी आवश्यकता बताई। अध्यक्ष ने कहा कि समिति में वर्तमान में कुल 63 सदस्य हैं और अच्छे कार्य होने पर सदस्यों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने सरकार से समिति को लोन उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि समिति बड़े कार्य लेकर अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सके। इस दौरान मौके पर संचालक सदस्यों में ओमप्रकाश, जानकी, नरेश, प्रेमनाथ, मोदर, लकी देवी, संजू देवी शामिल रहे वही डेलिगेशन सदस्य के रूप में त्रिलोकी नाथ, राजकुमार, संजू देवी और कंटू मौजूद रहे।
