Sonbhadra News: महुअरिया मोड़ चपकी में रामलीला का भावुक मंचन, दशरथ विलाप देख नम हुईं दर्शकों की आंखें.
महुअरिया मोड़ चपकी में श्री रामलीला कमेटी की ओर से सातवें दिन भगवान श्रीराम के वनवास की लीला का सजीव मंचन किया गया। महाराज दशरथ के पुत्र वियोग में विलाप का दृश्य देख दर्शक भावुक हुए, वहीं राम-केवट संवाद ने मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मान सिंह गोंड़ सहित कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
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2:49 PM, Oct 16, 2026
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चपकी की रामलीला में भगवान श्रीराम के वनवास की लीला देखने उमड़े श्रद्धालु, मुख्य अतिथि मान सिंह गोंड़ का हुआ स्वागत।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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श्री रामलीला कमेटी महुअरिया मोड़ चपकी की ओर से आयोजित रामलीला के सातवें दिन भगवान श्रीराम के वनवास की लीला का सजीव मंचन किया गया। पुत्र वियोग में महाराज दशरथ के विलाप का मार्मिक दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो उठे। कई दर्शकों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं, राम-केवट संवाद के मंचन ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। रामलीला की शुरुआत अयोध्या के राजा दशरथ द्वारा भगवान श्रीराम को युवराज बनाने का निर्णय लेने के प्रसंग से हुई। महाराज दशरथ ने अपने मंत्री सुमंत को बुलाकर श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां करने का आदेश दिया। इसकी जानकारी मिलते ही महारानी कैकेयी की दासी मंथरा ने उन्हें भड़काना शुरू कर दिया। मंथरा की बातों में आकर महारानी कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने पुराने दो वरदान मांग लिए। राजा दशरथ ने रघुकुल की परंपरा और वचन की मर्यादा निभाते हुए कैकेयी को वरदान देने का वचन दिया। कैकेयी ने अपने पुत्र भरत के लिए राजगद्दी और भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। यह सुनकर महाराज दशरथ व्याकुल हो उठे, लेकिन भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए सहर्ष वन जाने का निर्णय लिया। भगवान श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण भी वन जाने के लिए तैयार हो गए। तीनों के अयोध्या से प्रस्थान करते ही महाराज दशरथ पुत्र वियोग में फूट-फूटकर रोने लगे। इस दृश्य ने पूरे वातावरण को भावुक कर दिया। अयोध्यावासी भी श्रीराम के साथ वन जाने को आतुर दिखाई दिए। इसके बाद भगवान श्रीराम के तमसा नदी के किनारे पहुंचने और वहां रात्रि विश्राम करने का प्रसंग दिखाया गया। आगे राम-केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में म्योरपुर ब्लॉक के मान सिंह गोंड़ उपस्थित रहे। इस दौरान सुधीर, सतीश जायसवाल, दुर्गेश सोनी, रोहित कुमार, राजू कुमार, तारा जायसवाल, विशाल जायसवाल, रवि कुमार, रंजीत कुमार, अरुण रवानी और रितेश कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।


