Sonbhadra News: कम वेतन और भुगतान में देरी से कर्मचारियों का फूटा दर्द.
सोनभद्र स्थित राजकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत सफाई कर्मियों ने मानदेय भुगतान में देरी को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनका मानदेय समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। पीएफ और ईएसआई कटौती में अनियमितता का भी आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों ने लंबित मानदेय के भुगतान और मामले की जांच की मांग की है।
sonbhadra
3:15 PM, Jun 23, 2026
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मानदेय भुगतान में देरी के विरोध में सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र.
सोनभद्र।
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राजकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय, सोनभद्र में निजी कंपनी एस.एम.सी. प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मियों ने मानदेय भुगतान में देरी और अन्य अनियमितताओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सफाई कर्मियों ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि कंपनी द्वारा पूर्व में भी दो माह का मानदेय रोक लिया गया था और वर्तमान में भी एक माह का मानदेय लंबित है। कर्मचारियों का कहना है कि जब वे मानदेय के संबंध में कंपनी से जानकारी लेते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि सरकार से भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की कटौती तो की जाती है, लेकिन इन मदों में राशि सही तरीके से जमा नहीं की जा रही है। इसके अलावा पिछले चार वर्षों से उनका मूल मानदेय मात्र 7,833 रुपये प्रतिमाह ही बना हुआ है, जबकि समय-समय पर मानदेय बढ़ाए जाने की बात कही जाती रही है। सफाई कर्मियों का आरोप है कि यदि कोई कर्मचारी मानदेय या अन्य समस्याओं को लेकर शिकायत करता है अथवा प्रार्थना पत्र देता है तो कंपनी द्वारा उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इससे कर्मचारियों में भय और असंतोष का माहौल है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराते हुए लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान कराने, पीएफ और ईएसआई संबंधी अनियमितताओं की जांच कराने तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
