Sonbhadra News: पर्यावरण बैंक संस्थान चलाया जागरूकता अभियान, “पेड़ से ही प्राण, वृक्षों की रक्षा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी: क्रांति सिंह”
“पेड़ से ही प्राण” अभियान के तहत सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति सिंह ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण में भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस गति से पेड़ों की कटाई हो रही है, उस अनुपात में पौधारोपण और संरक्षण नहीं हो पा रहा है। कोरोना काल का जिक्र करते हुए उन्होंने ऑक्सीजन के महत्व को बताया और कहा कि वृक्ष ही जीवन का आधार हैं।
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4:35 PM, Jun 19, 2026
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स्वर्ण जयंती चौक पर “पेड़ से ही प्राण” अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते पर्यावरण बैंक संस्थान की टीम।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
पर्यावरण बैंक संस्थान प्रदूषण की मार से मुक्ति के लिए वृक्षारोपण जागरूकता अभियान चलाया। स्वर्ण जयंती चौक पर इकट्ठा हुए संस्था के लोगों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखना पेड़ लगाकर ऑक्सीजन प्राप्त करने और प्रदूषण की मार से बचने के लिए लोगों से वृक्षारोपण और उनकी सुरक्षा को लेकर आह्वान किया। “पेड़ से ही प्राण” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति सिंह ने कहा कि देश को अंग्रेजों और मुगलों की गुलामी से आजादी तो मिल गई, लेकिन प्रदूषण से आजादी अभी भी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जिस गति से पेड़ों की कटाई हो रही है, उस अनुपात में नए पौधे नहीं लगाए जा रहे हैं और न ही उनका संरक्षण हो पा रहा है। क्रांति सिंह ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन का आधार हैं। स्वास्थ्य विभाग, कलेक्ट्रेट, तहसील, विकास भवन और स्वर्ण जयंती चौक जैसे सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
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बताया कि पीपल का पौधा सर्वाधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों में शामिल है और इसी उद्देश्य से लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ऑक्सीजन की कमी ने लाखों लोगों को प्रभावित किया। कई लोगों को महंगी कीमतों पर भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो सकी और अनेक लोगों ने दम तोड़ दिया। ऐसे में यह स्पष्ट है कि वृक्ष ही जीवन का वास्तविक आधार हैं। क्रांति सिंह ने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं। यदि किसी स्थान पर पांच पेड़ काटे जाते हैं तो उसके बदले बड़ी संख्या में पौधे लगाए और सुरक्षित किए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों पौधे लगाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन उनमें से कितने पौधे जीवित बचे हैं, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण प्रश्न है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान होता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था पौधे लगाकर उनका संरक्षण नहीं करती तो यह केवल गलती नहीं बल्कि महापाप है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जन्मदिन, पुण्यतिथि और अन्य अवसरों पर पौधारोपण करें तथा लगाए गए पौधों की देखभाल भी करें। क्रांति सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
