Sonbhadra News: परिजनों के आंसुओं ने खोली स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था की पोल, अस्पताल सील.
सोनभद्र के केकराही स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल को सील करने और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान लापरवाही के कारण पहले नवजात और फिर प्रसूता की मौत हो गई। डीएम के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज कर जांच शुरू कर दी है।
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8:24 PM, Jun 19, 2026
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अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
करमा थाना क्षेत्र के केकराही स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार की शिकायत पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को सील करने तथा संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार घोरावल थाना क्षेत्र के पुरखास गांव निवासी संतोषी (30) पत्नी रामजी प्रसव के लिए अपने मायके टिकुरिया गांव आई हुई थीं। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें जड़ेरुआ प्रसव केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां तैनात स्टाफ नर्स ने बेहतर इलाज का भरोसा देकर उन्हें केकराही स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल भेज दिया। अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही के चलते पहले गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई और बाद में प्रसूता की हालत भी बिगड़ गई। आरोप है कि स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने प्रसूता को वाराणसी रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मां और नवजात दोनों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि जब वे शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल का शटर बंद मिला और स्टाफ मौके से गायब था। इसके बाद उन्होंने करमा थाने और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की, लेकिन तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय की उम्मीद में परिजन जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से मिले और पूरी घटना से अवगत कराया। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहीं परिजनों की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
