Sonbhadra News: पिपरी जल विद्युत कॉलोनी में बेदखली की कार्रवाई तेज, अंतिम नोटिस मिलते ही मचा हड़कंप.
पिपरी स्थित उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कॉलोनी में बेदखली की कार्रवाई तेज हो गई है, प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कई लोगों को अंतिम नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर मकान खाली करने का निर्देश दिया है, कार्रवाई के बाद कॉलोनी के सैकड़ों परिवारों में चिंता और असमंजस का माहौल है।
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7:36 PM, Jul 6, 2026
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पिपरी जल विद्युत कॉलोनी में बेदखली कार्रवाई के दौरान अधिकारियों व पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर नोटिस की प्रक्रिया पूरी की।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
पिपरी स्थित उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कॉलोनी में वर्षों से रह रहे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने बेदखली अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में 10 लोगों को अंतिम नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए गए। इस कार्रवाई के बाद पूरे पिपरी नगर में हड़कंप मच गया है और अन्य परिवारों में भी बेदखली की आशंका गहरा गई है। उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के सिविल विभाग के अधिशासी अभियंता अविनाश सिंह ने बताया कि पिपरी नगर में रहने वाले लगभग 250 लोग पीपी एक्ट से संबंधित मुकदमे हार चुके हैं।
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उनके विरुद्ध उपजिलाधिकारी न्यायालय से बेदखली के आदेश जारी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों को पहले भी कई बार नोटिस दी जा चुकी थी। उसी क्रम में सोमवार को तहसीलदार दुद्धी अंजनी गुप्ता एवं नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार ने पुलिस बल की मौजूदगी में 10 लोगों को अंतिम नोटिस सौंपा। नोटिस मिलने के बाद कई परिवार मकान खाली करने की तैयारी में जुट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वे दो-तीन दिनों के भीतर घर खाली कर देंगे, जबकि अन्य परिवारों को भी जल्द नोटिस मिलने की आशंका सता रही है। इससे पूरे नगर में भविष्य को लेकर चिंता का माहौल बन गया है।
गौरतलब है कि पिपरी नगर की भूमि को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा है। इस जमीन पर वन विभाग, रिहंद बांध से जुड़े सिंचाई विभाग और उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड अलग-अलग स्तर पर अपना दावा करते रहे हैं। इसी विवादित भूमि पर वर्षों से बड़ी संख्या में लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन कराना उसकी कानूनी जिम्मेदारी है और आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से निवास करने के बावजूद अचानक बेदखली की कार्रवाई से उनके सामने आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।



