Sonbhadra News: पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, क्रेशर प्लांट में करंट लगने से मजदूर की दर्दनाक मौत.
चोपन थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी स्थित एक क्रेशर प्लांट में करंट लगने से 40 वर्षीय मजदूर प्रमोद की मौत हो गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मृतक अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं।
sonbhadra
4:13 PM, Jun 29, 2026
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करंट लगने से मजदूर की मौत के बाद सीएचसी चोपन में मौजूद पुलिस, चिकित्सक और परिजन।
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, ओबरा तहसील.
सोनभद्र।
चोपन थाना क्षेत्र में स्थित एक क्रेशर प्लांट में करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस हादसे में पांच बच्चों के पिता ने अपनी जान गंवा दी। मृतक की पहचान 40 बर्षीय कोन निवासी प्रमोद पुत्र नवरत्न के रूप में हुई है। वह बिल्ली मारकुंडी कोठा टोला स्थित RSC सेकेंड नामक क्रेशर प्लांट में काम कर रहा था, तभी बिजली की चपेट में आ गया। प्लांट में मौजूद अन्य मजदूरों ने प्रमोद को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर चोपन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की।
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अस्पताल में मौजूद डॉक्टर फैज़ ने बताया कि प्रमोद नामक व्यक्ति को अस्पताल लाया गया था जांच करने पर पता चला की अस्पताल आने से पहले उसकी मौत हो चुकी थी, पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए मेमो भेज दिया गया है। परिजनों द्वारा करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। वही मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्हें प्लांट से घटना की सूचना मिली थी कि प्रमोद को चोट लगी है। परिजनों ने यह भी बताया कि उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है, क्योंकि वे घर पर थे। प्रमोद बबलू मिश्रा के क्रेशर प्लांट पर मजदूरी का काम करता था। उसके परिवार में पांच बच्चे हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें एक कक्षा 9 में, एक कक्षा 8 में, एक कक्षा 6 में और एक कक्षा 5 में पढ़ रहा है। प्रमोद की मौत के बाद परिवार के सामने बच्चों की परवरिश और शिक्षा का संकट खड़ा हो गया है।
मज़दूर
इस हादसे ने क्रेशर प्लांटों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर बरसात के मौसम में बिजली उपकरणों और कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। मजदूरों ने जोखिम भरे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह घटना प्लांट प्रबंधन और संबंधित विभागों द्वारा सुरक्षा मानकों के पालन की जांच का विषय बन गई है। बढ़ा सवाल क्या जिस फर्म में मजदूर काम करता था उस फर्म मालिक द्वारा ग्रुप इंश्योरेंस कराया गया था? एक मजदूर की मौत ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता को फिर से बल दिया है नहीं तो ऐसे ही काल के गाल में मज़दूर समाते रहेंगे।
