Sonbhadra News: कोन ब्लॉक में उर्वरक नदारत, कचनरवा सचिव मोबाइल बंद कर हुए फरार, किसानों में भारी आक्रोश, किया चक्कजाम.
धान की रोपाई के बाद पहली खाद की जरूरत के समय किसानों को यूरिया खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। परेशान गरीब किसानों का फायदा उठाकर प्राइवेट दुकानदार 266.50 रुपये कीमत वाली यूरिया की बोरी 600 से 700 रुपये व डीएपी 1350 रुपये की जगह 1600 से 1700 रुपये तक बेच रहे हैं।
sonbhadra
4:15 PM, Aug 18, 2025
Share:


उर्वरक के इंतज़ार में किसान
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: राजन जायसवाल, कोन।
सोनभद्र।
कोन ब्लॉक क्षेत्र में इन दिनों किसानों को यूरिया खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी साधन समितियों पर खाद उपलब्ध न होने से किसान बेहद परेशान हैं। गुस्साए किसानों ने कचनरवा लैम्पस के पास चक्का जाम कर दिया। जिससे कचनरवा-कोन मार्ग अवरूध हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस नाराज़ किसानों को समझाने में जुटी हुई है। किसानों ने कहा धान की रोपाई के बाद पहली खाद की जरूरत के समय खाद की किल्ल्त का संकट और भी गंभीर रूप ले चुका है। किसानों का कहना है कि वे पिछले एक सप्ताह से लगातार लैम्पस का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वहां खाद नहीं मिल रही। वहीं इस स्थिति का फायदा उठाकर कोन, रामगढ़ और कचनरवा बाजार के प्राइवेट दुकानदार 266.50 रुपये कीमत वाली यूरिया की बोरी 600 से 700 रुपये व डीएपी 1350 रुपये की जगह 1600 से 1700 रुपये तक बेच रहे हैं।
विज्ञापन
मजबूरी में किसानों को ऊंचे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि तेलगुड़वा-कोन मार्ग और कोन-विंढमगंज मार्ग पर स्थित कई दुकानदार खाद को उंचे दरों पर झारखंड की ओर भी भेज रहे हैं। सोमवार को कोन, रामगढ़ सहकारी समिति बंद मिला। वहीं कचनरवा सहकारी समिति पर सुबह से खाद लेने आये किसानों में खासा नाराजगी देखने को मिली। किसानों की भीड़ और आक्रोश को देखते हुए सचिव मोबाइल बंदकर फरार हो गए। इस बावत सहकारी समिति के अध्यक्ष संतोष जायसवाल ने बताया कि जिले से किसानों की मांग के अनुरूप प्रयाप्त मात्रा में उर्वरक नहीं मिल पा रही है। जिससे किसानों को खाद वितरित करने में समस्या आ रही है।
समस्या को लेकर एआर कॉपरेटिव देवेंद्र सिंह के सेल फोन पर संपर्क करके का प्रयास किया गया किन्तु कॉल रीसिव नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि संबंधित अधिकारी खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत कोसों दूर है, पिछले आठ दिनों से किसानों को खाद नहीं मिल रही। समय पर खाद न मिलने से धान की फसलों के ऊपर खतरा मंडरा रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर खाद की किल्लत दूर करने के साथ-साथ जमाखोरी व काला बाजारी पर रोक लगाने की मांग की है। किसान बिहारी प्रसाद यादव, कैलास राम भारती, रघुवर प्रसाद, प्रदीप, बसंत, बैकुंठ सिंह ने जिलाधिकारी व संबंधित विभाग का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल प्रयाप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने व वितरित कराने की मांग की है।



