Sonbhadra News: एनटीपीसी रिहंद में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, 12 घंटे काम और कम वेतन को लेकर बवाल.
NTPC रिहंद में मजदूरों ने गेट पर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने 12 घंटे काम और कम भुगतान का आरोप लगाया। कई कंपनियों के मजदूरों ने ओवरटाइम और पारदर्शी भुगतान की मांग की। एचआर अधिकारियों और श्रमिक नेताओं से वार्ता के बाद आश्वासन मिला। मजदूरों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज होगा।
sonbhadra
9:16 PM, Apr 11, 2026
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मज़दूरों की चेतावनी मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज होगा।
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Story By: नीरज गुप्ता, बीजपुर।
सोनभद्र।
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NTPC रिहंद परियोजना परिसर में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब एफजीडी कार्य से जुड़े विभिन्न वेंडर कंपनियों के सैकड़ों मजदूर अपने हक की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। 12-12 घंटे काम कराने और वेतन में कथित कटौती से नाराज श्रमिकों ने परियोजना गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे घंटों तक आवाजाही बाधित रही। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि कुणाल, एनर्जियो, पावर टॉनिक, शिवम, लॉयड, श्री भीम और रोहन जैसी कंपनियों में उनसे तय नियमों के विपरीत लगातार 12 घंटे कार्य कराया जा रहा है, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे के हिसाब से किया जा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि पहले 8 घंटे कार्य और उसके बाद ओवरटाइम देने की व्यवस्था थी, लेकिन अब ओवरटाइम पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही महीने में अलग-अलग दिनों का भुगतान अलग-अलग तरीके से किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि 8 घंटे के बाद कम से कम 2 घंटे का अनिवार्य ओवरटाइम दिया जाए और भुगतान प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए। प्रदर्शन के दौरान कुणाल कंपनी के साइट इंचार्ज विपिन गुप्ता पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। श्रमिकों ने कहा कि विरोध करने पर उन्हें काम से निकालने की धमकी दी जाती है और कुछ मजदूरों को हटाया भी गया है। वहीं एमपीडब्ल्यू के अजीत गुप्ता पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने बताया कि तय बोर्ड रेट ₹541 के बजाय उन्हें मात्र ₹500 भुगतान किया जा रहा है, जिसमें से 12 प्रतिशत पीएफ भी काट लिया जाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनटीपीसी के एचआर विभाग से राजेंद्र साह, धर्मेंद्र कुमार गिरी और रंगा रेड्डी दशारी मौके पर पहुंचे और श्रमिकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान बीएमएस नेता राकेश राय ने भी श्रमिकों से वार्ता की। प्रबंधन और श्रमिक संगठन के बीच बातचीत के बाद यह आश्वासन दिया गया कि सोमवार तक सभी बकाया भुगतान कर दिए जाएंगे तथा अन्य मांगों पर भी विचार किया जाएगा। इसके बाद फिलहाल मजदूरों ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।



