Sonbhadra News: दो ब्लॉकों में 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया अभियान, 6.71 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पीके राय ने घोषणा की है कि जिले के घोरावल और केकराहि ब्लॉक में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत कुल 6 लाख 71 हजार 14 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएमओ ने बताया कि ये दोनों ब्लॉक अभी तक फाइलेरिया मुक्त नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण यहां विशेष अभियान की आवश्यकता है।
sonbhadra
5:27 PM, Feb 9, 2026
Share:


टीमें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवाएं देंगी।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पीके राय ने घोषणा की है कि जिले के घोरावल और केकराहि ब्लॉक में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत कुल 6 लाख 71 हजार 14 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएमओ ने बताया कि ये दोनों ब्लॉक अभी तक फाइलेरिया मुक्त नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण यहां विशेष अभियान की आवश्यकता है। जनपद के अन्य क्षेत्रों में यह अभियान नहीं चलाया जाएगा, क्योंकि वे इलाके पहले ही फाइलेरिया मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। इस अभियान के लिए कुल 578 टीमें गठित की गई हैं। इनमें से 305 टीमें घोरावल ब्लॉक में और 273 टीमें केकराहि ब्लॉक में तैनात की जाएंगी। ये टीमें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवाएं देंगी। फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो मच्छर के काटने से फैलती है। मच्छर के काटने पर फाइलेरिया का नेमतोड़े प्रोटोजोआ शरीर में प्रवेश कर जाता है। इस बीमारी का असर तुरंत दिखाई नहीं देता, बल्कि इसके लक्षण 5 से 15 साल बाद सामने आते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में पैरों में सूजन (जिसे आमतौर पर 'पिल पांव' या 'हाथी पांव' कहा जाता है), पुरुषों के अंडकोष में सूजन और महिलाओं के स्तन में सूजन शामिल हैं। यह बीमारी लाइलाज है, इसलिए इसकी रोकथाम अत्यंत महत्वपूर्ण है। फाइलेरिया से बचाव के लिएय मच्छरदानी का नियमित उपयोग करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, वर्ष में एक बार दी जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए। यह दवा बीमारी को प्रारंभिक अवस्था में ही रोकने में सहायक होती है।
