Sonbhadra News: चोपन में एफएलएन-एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण के अंतिम बैच का समापन, 652 शिक्षक-शिक्षामित्र हुए प्रशिक्षित.
चोपन में एफएलएन-एनसीईआरटी आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के अंतिम बैच का समापन हुआ। विकासखंड के 652 शिक्षक-शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया गया। बीईओ लोकेश कुमार मिश्रा ने कक्षा शिक्षण में प्रशिक्षण के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
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8:28 PM, Sep 23, 2026
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शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षकों एवं शिक्षकों का सामूहिक चित्र।
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Story By: विकास कुमार हलचल।
सोनभद्र।
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चोपन विकासखंड में प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए आयोजित एफएलएन और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक आधारित पांच दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का अंतिम बैच बुधवार को पूरा हो गया। इसमें कुल 652 शिक्षक और शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण 6 अगस्त 2026 से ब्लॉक संसाधन केंद्र चोपन के सभागार में खंड शिक्षा अधिकारी लोकेश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में चल रहा था। विकासखंड के प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के कुल 655 शिक्षक और शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था। प्रशिक्षण के सात बैच आयोजित किए गए। तीन शिक्षिकाएं मातृत्व अवकाश पर होने के कारण उनका प्रशिक्षण नहीं हो पाया है, जिसे बाद में कराया जाएगा। अंतिम बैच का प्रशिक्षण 23 सितंबर को खत्म हुआ। समापन के मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी लोकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण की असली उपयोगिता तभी है, जब शिक्षक इसमें सीखी गई शिक्षण विधियों को क्लास में बच्चों के साथ लागू करें। उन्होंने शिक्षकों से बाल केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने और कक्षाओं को मजेदार बनाने की अपील की। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एनसीईआरटी की कक्षा चार की किताबों में किए गए बदलावों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही नई शिक्षक संदर्शिका, हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड और एफएलएन टूल किट के बारे में पूरी जानकारी दी गई। शिक्षकों ने चर्चा, मजेदार गतिविधियों और रोल प्ले के जरिए अलग-अलग विषयों को समझा। बीईओ ने कहा कि एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित शिक्षण सामग्री का सही इस्तेमाल बच्चों की सीखने की गति को बेहतर बनाने में मदद करेगा। उन्होंने आगामी निपुण असेसमेंट को लेकर शिक्षकों से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पूरी लगन से तैयार करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि चोपन विकासखंड को निपुण विकासखंड के रूप में स्थापित करने में हर शिक्षक और शिक्षामित्र की खास भूमिका है। शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई पर लगातार ध्यान देने और निपुण असेसमेंट में अच्छे नतीजे लाने के लिए कोशिश करने को कहा गया। प्रशिक्षण में संदर्भदाता के रूप में एआरपी वंशदीप सिंह, प्रशांत कुमार अवस्थी, ज्ञान प्रकाश तथा केआरपी सीमा सिंह और अंजू जायसवाल ने शिक्षकों को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित किया। समापन पर सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए अंतिम बैच के प्रशिक्षण की समाप्ति की घोषणा की गई।



