ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news fir ordered against four doctors of private hospital report sought in seven days

Sonbhadra News: निजी अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर का आदेश, सात दिन में मांगी आख्या.

दो वर्ष पुराने मामले में अधिवक्ता की शिकायत पर अदालत ने निजी अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता ने पत्नी की डिलीवरी के दौरान मनमानी, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाया था। अदालत ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाल से सात दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की आख्या तलब की है।

sonbhadra

6:43 PM, Sep 5, 2026

Share:

Sonbhadra News: निजी अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर का आदेश, सात दिन में मांगी आख्या.
logo

न्यायालय में शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज कराने का आदेश पाने वाले युवा अधिवक्ता संतोष पटेल।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: अनुज जायसवाल।

दो वर्ष पूर्व पत्नी की डिलीवरी के दौरान निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर कथित मनमानी, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाने वाले अधिवक्ता की शिकायत पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी/14वां वित्त आयोग, सोनभद्र अभिलाषा की अदालत ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाल को मामले में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही सात दिन के भीतर कार्रवाई के संबंध में आख्या भी तलब की है। मामले के अनुसार अधिवक्ता संतोष पटेल पुत्र इंद्रजीत सिंह निवासी ग्राम हिनौती ने 29 नवंबर 2024 को सीजेएम न्यायालय में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्होंने 4 अगस्त 2024 की शाम अपनी पत्नी विभा शाक्य को डिलीवरी के लिए रॉबर्ट्सगंज स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अगले दिन 5 अगस्त की शाम करीब पांच बजे डॉक्टर मुक्ता सिंह ने ऑपरेशन कर बच्चे का जन्म कराया। उनके अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे और 9 अगस्त को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान अस्पताल में अवैध वसूली के लिए उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। डॉक्टर नेहा सिंह राना पर बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि मामले की जानकारी अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉक्टर आरपी सिंह को देने पर कथित तौर पर उन्हें धमकी दी गई। अधिवक्ता के मुताबिक, उन्होंने 4 सितंबर 2024 को डॉक्टर आरपी सिंह, डॉक्टर मुक्ता सिंह और डॉक्टर नेहा सिंह राना को कानूनी नोटिस भेजा था। आरोप है कि नोटिस के बाद 12 सितंबर को डॉक्टर नेहा सिंह राना और उसी रात डॉक्टर अखिलेश पटेल ने मोबाइल फोन पर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। अधिवक्ता ने रॉबर्ट्सगंज थाने और पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की आख्या और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विवेचना आवश्यक माना। अदालत ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाल को सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए सात दिन में आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.