Sonbhadra News: डाला वैष्णो शक्ति पीठ में उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले दिन 25 हजार तक श्रद्धालुओं के दर्शन का अनुमान.
सोनभद्र के डाला स्थित मां महावैष्णो देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माता की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर कमेटी ने सुरक्षा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की, जबकि प्रशासन यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा।
sonbhadra
12:10 PM, Oct 11, 2026
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शारदीय नवरात्रि के पहले दिन डाला स्थित मां वैष्णो शक्ति पीठ मंदिर में माता के दर्शन-पूजन के लिए उमड़े श्रद्धालु, माता रानी के जयकारों से गूंजा दरबार.
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, डाला।
सोनभद्र।
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन सोनभद्र के डाला स्थित प्रसिद्ध वैष्णो देवी वैष्णो शक्ति पीठ मंदिर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही माता की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर से जुड़े अशोक शुक्ल के अनुसार, पहले दिन लगभग 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है।
कई राज्यों से दर्शन करने पहुंचते हैं भक्त-:
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मंदिर की भव्य बनावट, आकर्षक कलाकृतियां और भारतीय संस्कृति को दर्शाते भित्ति चित्र श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मंदिर की गुफा में दर्शन करने का अनुभव भी भक्तों को आकर्षित करता है। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड समेत विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुंचते हैं। अयोध्या से आए शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने मंदिर की भव्यता के बारे में काफी सुना था। यहां पहुंचकर इसकी सुंदरता और कलाकृतियां देखकर मन प्रसन्न हो गया। वहीं, वाराणसी से परिवार के साथ आईं वैष्णवी पटेल ने कहा कि मंदिर की बनावट और गुफा का अनुभव बेहद अच्छा है। माता रानी के दर्शन से मन को शांति मिलती है। चुनार से आए मनोज सिंह ने मंदिर के प्राकृतिक वातावरण और गुफा की सुंदरता की सराहना की। उन्होंने अन्य लोगों से भी यहां आकर दर्शन करने की अपील की।
सुरक्षा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था-:
मंदिर कमेटी के पदाधिकारी रघुवीर गर्ग ने बताया कि नवरात्रि को देखते हुए सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए बाहर से सात से आठ अतिरिक्त गार्ड बुलाए गए हैं। श्रद्धालुओं के बीच सुबह से शाम तक चना और हलवा प्रसाद वितरित किया जाता है। उनके अनुसार, नवरात्रि में प्रतिदिन 10 से 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मंदिर का भूमि पूजन वर्ष 2002 में हुआ था और वर्ष 2004 में निर्माण पूरा हुआ। मंदिर से जुड़े अशोक शुक्ल ने बताया कि यहां मां महाकाली, मां महालक्ष्मी और मां महासरस्वती की भी पूजा होती है। मान्यता के अनुसार, स्थापना के समय जम्मू से ज्योति लाकर अखंड दीप प्रज्वलित किया गया था। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर ध्यान दे रहा है, ताकि वाराणसी-शक्तिनगर राज्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित न हो और भक्त सुगमता से माता रानी के दर्शन कर सकें।


