Sonbhadra News : स्वयं सहायता समूह के नाम पर धोखाधड़ी, बैंक सखी पर 90 हजार रुपये गबन का आरोप.
समूह के खाते से 90 हजार रुपये निकालने का आरोप। CCL बढ़ाने के नाम पर महिलाओं से दस्तावेज और सिग्नेचर लिए गए। स्टेटमेंट निकलवाने पर 24 मार्च 2026 का मामला सामने आया। अन्य समूहों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की आशंका जताई गई। प्रशासन ने जांच का आश्वासन देते हुए कार्रवाई की बात कही।
sonbhadra
2:53 PM, May 2, 2026
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रॉबर्ट्सगंज तहसील दिवस में प्रार्थी महिला ने एसडीएम को सौंपा शिकायत पत्र।
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Story By: कन्हैया लाल यादव, रॉबर्ट्सगंज।
सोनभद्र।
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रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिरधी से स्वयं सहायता समूह से जुड़ा एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम निवासी आशा देवी, जो कोमल आजीविका स्वयं सहायता समूह की सखी एवं अध्यक्ष हैं, ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर बैंक सखी किरन देवी पर समूह के धन के गबन का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, किरन देवी, पत्नी संदीप कुमार, इंडियन बैंक शाखा नई बाजार में बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं। आरोप है कि उन्होंने समूह की क्रेडिट लिमिट (CCL) बढ़वाने के नाम पर आशा देवी सहित समूह की अन्य महिलाओं का विश्वास जीता और उनसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोहर, रजिस्टर, ट्रांसफर पर्ची तथा सादे विड्रॉल फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़िता के अनुसार, किरन देवी ने आश्वासन दिया था कि एक-दो महीने के भीतर समूह की लिमिट तीन लाख रुपये तक बढ़ा दी जाएगी। इसके बाद पासबुक अपडेट कराने के बहाने दस्तावेज अपने पास रख लिए गए। कुछ समय बाद जब पासबुक वापस मिली, तो उसमें केवल फोटो और पता दर्ज था, जबकि लेन-देन का कोई विवरण अंकित नहीं था। मामले का खुलासा तब हुआ जब ब्लॉक स्तर की अधिकारी ममता द्वारा समूह की महिलाओं को अपने-अपने खातों का स्टेटमेंट निकलवाने के निर्देश दिए गए। स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि दिनांक 24 मार्च 2026 को समूह के खाते से 90,000 रुपये किरन देवी द्वारा अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर निकाल लिए गए। आशा देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि यह कोई एकमात्र मामला नहीं है, बल्कि किरन देवी द्वारा अन्य स्वयं सहायता समूहों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की गई है। आरोप है कि उन्होंने अपनी सास, देवरानी और अन्य रिश्तेदारों के खातों में भी समूह का पैसा ट्रांसफर कराया है। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि इस घटना से उन पर कर्ज का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है और वे मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी बैंक सखी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और समूह का पूरा पैसा वापस दिलाया जाए। इस संबंध में तहसील प्रशासन ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। एसडीएम रॉबर्ट्सगंज अश्वनी कुमार ने कहा मामला से एडीएम को अवगत करा दिया गया है और मामले की तह तक जाकर जांच की जाएगी, शिकायतकर्ता के साथ न्याय होगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी जल्द कार्रवाई करता है और पीड़ित महिलाओं को न्याय कब तक मिल पाता है।
